Advertisement

अमेरिका–ईरान तनाव के बीच अहम बैठक

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है, खासकर परमाणु वार्ता और सैन्य तैयारियों को लेकर। इसी बीच ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने आज मुंबई में भारत के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर पवन कपूर से बातचीत की है। यह मुलाकात ईरान के मुंबई स्थित महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया है, जिसमें दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

यह बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के समय में अहम मानी जा रही है, क्योंकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर हालात काफी नाजुक हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान को चेतावनी दी है कि एक विशाल अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा तेजी से मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है और आवश्यकता पड़ने पर वह अपना मिशन पूरा करेगा।

ट्रंप ने ईरान से बातचीत की मेज़ पर वापस लौटने की अपील की है और उम्मीद जताई है कि तेहरान निष्पक्ष समझौता करेगा, जिसमें परमाणु हथियार शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि समय तेजी से घट रहा है और स्थिति “बहुत गंभीर” है।

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य मंचों पर बयां किया है कि वह परस्पर सम्मान व हितों के आधार पर बातचीत को तैयार है। हालांकि उसने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर मजबूर किया गया तो वह दृढ़ता से अपना बचाव करेगा और “पहले कभी न देखे तरीके” से जवाब देने का संकेत भी दिया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान दिया है कि वह क्षेत्र में अपनी तैनाती बढ़ा रहा है, क्षेत्रीय साझेदार देशों के साथ साझेदारी मजबूत कर रहा है और लचीली प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रख रहा है। हाल ही में CENTCOM प्रमुख और इजरायली रक्षा बलों के चीफ ऑफ स्टाफ के बीच भी बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

🔹 अमेरिका और ईरान के बीच तनाव मुख्यतः ईरान के परमाणु कार्यक्रम, सैन्य संतुलन, और मध्य पूर्व में क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर है।
🔹 अमेरिकी नौसेना के बड़े बेड़े की तैनाती और तेहरान की जवाबी प्रतिक्रियाएँ वैश्विक सुरक्षा मामलों में चिंता बढ़ा रही हैं।

ईरान के टॉप सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने पवन कपूर से मुंबई में बातचीत की।

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी और बातचीत पर जोर दिया।

ईरान ने बातचीत की बात कही है, साथ ही अगर मजबूर किया गया तो जवाब देने की बात भी कही।

CENTCOM ने क्षेत्रीय सैन्य तैयारी और साझेदारी बढ़ाने की जानकारी दी।