अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने सरकारी आंकड़े पेश करते हुए कहा है कि अमेरिकी टैरिफ का भारतीय कपड़ा बाजार पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे या तो सरकार के आंकड़ों को गलत साबित करें या फिर माफी मांगें।
दरअसल, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह एक कपड़ा फैक्ट्री का दौरा करते नजर आए। वीडियो में फैक्ट्री मालिक को यह कहते हुए सुना गया कि अमेरिकी टैरिफ के कारण उनका कारोबार प्रभावित हुआ है और फैक्ट्री बंद होने की कगार पर है। राहुल गांधी ने इसी आधार पर दावा किया था कि अमेरिकी टैरिफ से भारत का कपड़ा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने इंडिया टीवी से बातचीत में राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ का टेक्सटाइल सेक्टर पर कोई असर नहीं पड़ा है। गिरिराज सिंह ने कहा, “भारत के कपड़ा उद्योग का नहीं, बल्कि राहुल गांधी के दिमाग का शटडाउन हुआ है।” उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार की नीतियों के चलते कपड़ा निर्यात में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
गिरिराज सिंह ने बताया कि सरकार ने अमेरिका पर निर्भरता कम करते हुए 40 से अधिक देशों के साथ नए निर्यात समझौते किए हैं, जिससे भारतीय कपड़ा उद्योग को नए बाजार मिले हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में केवल टेक्सटाइल सेक्टर में 4 से 5 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है।
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का कपड़ा निर्यात लगातार बढ़ रहा है। दिसंबर 2024 में जहां कपड़ा निर्यात 27,710 करोड़ रुपये था, वहीं दिसंबर 2025 में यह 6.5 फीसदी की वृद्धि के साथ 29,492 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अप्रैल से दिसंबर की अवधि में भी निर्यात 3.8 फीसदी बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये हो गया।
सिर्फ गारमेंट्स सेक्टर की बात करें तो अप्रैल से दिसंबर के बीच निर्यात में करीब 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि भारत की एक्सपोर्ट स्ट्रेंथ डाइवर्सिफिकेशन में है और अब देश किसी एक बाजार पर निर्भर नहीं है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर भारत की अर्थव्यवस्था “डेड” होती, तो वर्ष 2025 में 65,000 करोड़ रुपये का निवेश संभव नहीं होता। उन्होंने राहुल गांधी के “डेड इकोनॉमी” वाले बयान को नकारात्मक और गैर-जिम्मेदाराना सोच करार दिया। मंत्री के मुताबिक, कोविड के बाद 1.8 करोड़ सिलाई मशीनें बाजार में आईं, जिससे करीब 3 करोड़ नौकरियां सृजित हुईं और इस दशक में टेक्सटाइल सेक्टर में 5 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा होंगी।
कपड़ा निर्यात के ताजा आंकड़ों के बाद अब अमेरिकी टैरिफ के असर को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी घमासान और तेज हो गया है। जहां कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है, वहीं सरकार आंकड़ों के सहारे भारतीय कपड़ा उद्योग की मजबूती का दावा कर रही है।















