वॉशिंगटन / नई दिल्ली: अमेरिकी विदेश विभाग ने कैलेंडर वर्ष 2024 (1 जनवरी से 31 दिसंबर 2024) के दौरान भारत के अधिकारियों द्वारा अमेरिकी नेताओं को दिए गए राजनीतिक और कूटनीतिक उपहारों की विस्तृत सूची जारी की है। यह रिपोर्ट विदेश विभाग के चीफ ऑफ प्रोटोकॉल कार्यालय द्वारा प्रकाशित की गई है, जिसमें उपहारों का विवरण और उनकी अनुमानित कीमत भी शामिल है।
जो बाइडेन को दिए उपहार
केसर और चाय के लिए लकड़ी का डिब्बा
यह उपहार कुल अनुमानित मूल्य $562 था। संदूक, स्कार्फ और डिब्बे को नेशनल आर्काइव्स (NARA) में भेजा गया, जबकि केसर और चाय जैसी खराब होने वाली वस्तुएँ अमेरिकी सुरक्षा नीतियों के तहत नष्ट कर दी गईं।
• 16 जुलाई 2024: पीएम मोदी ने जो बाइडेन को स्टर्लिंग सिल्वर मेटल ट्रेन सेट भेंट किया, जिसकी कीमत लगभग $7,750 है। इसका भी स्थान नेशनल आर्काइव्स में सुरक्षित रखा गया।
• 21 अक्टूबर 2024: पीएम मोदी ने पूर्व फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन को पश्मीना शॉल दिया, जिसकी अनुमानित कीमत $2,969 है। यह भी नेशनल आर्काइव्स में स्थानांतरित किया गया।
🏛️ अन्य भारतीय अधिकारियों के उपहार
🤝 कमला हैरिस और उनके पति को उपहार
• 18 अक्टूबर 2024:
पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सिल्वर बॉक्स दिया गया (अनुमानित मूल्य $1,330)
उनके पति डगलस एमहॉफ को कफलिंक (अनुमानित मूल्य $585.65)
दोनों उपहार नेशनल आर्काइव्स में स्थानांतरित कर दिए गए।
• 23 अगस्त 2024: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के सहायक जैकब सुलिवन को कश्मीर पश्मीना स्कार्फ और बॉक्स दिया गया (अनुमानित मूल्य $599) — जिसे GSA (General Services Administration) को ट्रांसफर किया गया।
• 24 नवंबर 2022: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्कालीन अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन को शिव नटराज कांस्य मूर्ति दी थी, जिसकी अनुमानित कीमत $3,700 थी। इसे GSA को ट्रांसफर करना अभी बाकी है।
अमेरिकी नियमों के तहत, विदेश सरकारों से प्राप्त कूटनीतिक उपहारों को रिकॉर्ड करना अनिवार्य है।
• उच्च मूल्य वाले उपहारों को आमतौर पर स्वीकार किया जाता है,
• इन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं रखा जाता, बल्कि नेशनल आर्काइव्स (NARA) या अन्य सरकारी एजेंसियों को सौंप दिया जाता है।
• यह पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है ताकि कूटनीतिक संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को कानूनी रूप से रिकॉर्ड किया जा सके।
कुल मिलाकर यह सूची कूटनीतिक व्यवहार में पारदर्शिता बढ़ाने और दोनों देशों के बीच सम्मानजनक आदान-प्रदान को दर्शाती है।















