काठमांडू। Nepal में आज आम चुनाव के तहत 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए मतदान शुरू हो गया है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 5 बजे तक चलेगी। इस चुनाव में 1.89 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
यह चुनाव पिछले साल सितंबर 2025 में हुए हिंसक Gen-Z आंदोलन के बाद हो रहा है, जिसने देश की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया था।
सितंबर 2025 में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli को इस्तीफा देना पड़ा था। आंदोलन के दौरान करीब 70 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने संसद और कई सरकारी इमारतों में आगजनी भी की थी।
राजनीतिक संकट के बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश Sushila Karki को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया और संसद भंग कर चुनाव की घोषणा की गई।
नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीटें हैं:
- 165 सीटों पर प्रत्यक्ष चुनाव होगा।
- शेष सीटें पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत के आधार पर आनुपातिक प्रणाली से दी जाएंगी।
इस बार चुनाव मैदान में 6,500 से अधिक उम्मीदवार हैं। मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी। दूरदराज क्षेत्रों से मतपेटियां जिला मुख्यालय तक पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा।
कार्यवाहक निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने बताया कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर नेपाल आर्मी के साथ 3 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
यह चुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि Gen-Z युवा भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और खराब शासन व्यवस्था के खिलाफ मुखर हैं। युवा पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
काठमांडू के मेयर Balen Shah जैसे युवा नेता राष्ट्रीय राजनीति में उभरते चेहरे के रूप में देखे जा रहे हैं, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री ओली जैसे अनुभवी नेता भी मैदान में हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जनता बदलाव के पक्ष में मतदान करती है या अनुभवी नेतृत्व को दोबारा मौका देती है। चुनाव परिणाम नेपाल की आने वाली राजनीतिक दिशा तय करेंगे।















