पणजी (गोवा), 12 जनवरी 2026 — पूर्व भारतीय नौसेना प्रमुख और वीर चक्र सम्मानित एडमिरल अरुण प्रकाश (सेवानिवृत्त) को चुनाव आयोग की ओर से अपनी पहचान स्थापित करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत दिया गया है, जिसमें मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित किया जा रहा है।
चुनाव आयोग को लगता है कि एडमिरल प्रकाश का विवरण 2002 के बाद से अपडेट की गई वोटर सूची में मौजूद नहीं है, इसलिए उन्हें और उनकी पत्नी को पहचान सत्यापित करने के लिए उपस्थित होने को कहा गया है।
82 वर्षीय एडमिरल प्रकाश, जो पिछले लगभग 20 वर्षों से गोवा में रह रहे हैं, ने इस कार्रवाई पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने पहले ही SIR फॉर्म भरे हैं और उनका नाम गोवा ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 2026 में पहले से दिखाई दे रहा है, फिर भी उनसे व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि यदि SIR फॉर्म आवश्यक जानकारी एकत्रित नहीं कर पा रहे, तो उनमें सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उनसे और उनकी 78 वर्षीय पत्नी से दो अलग-अलग तारीखों पर, 18 किलोमीटर दूरी पर पहचान साबित करने को कहा गया है, जो इस उम्र में मुश्किल है।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं क्योंकि एडमिरल प्रकाश का PPO (पेंशन भुगतान आदेश) और लाइफ सर्टिफिकेट पहले से ही सरकारी डेटाबेस में मौजूद है, जिससे उनकी पहचान आसानी से सुनिश्चित की जा सकती थी।
कुछ लोगों का मानना है कि इतने वरिष्ठ अधिकारी और युद्ध नायक के मामले में SIR टीम को उनके घर जाकर सत्यापन करना चाहिए था, न कि उन्हें कार्यालय आने के लिए कहना चाहिए था।
दूसरी ओर, जिला कलेक्टर और रिटर्निंग अधिकारी एग्ना क्लीटस ने कहा है कि वह एडमिरल प्रकाश के गणना फॉर्म की जांच करेंगी और अधिकारी स्वयं उनसे संपर्क करेंगे।
यह मामला चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर व्यापक चर्चा का कारण बना है, खासकर तब जब वरिष्ठ नागरिकों और सम्मानित पूर्व सैन्य अधिकारियों से व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग की जा रही है।














