सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस कमिश्नर क्रिसी बैरेट ने कहा है कि बॉन्डी बीच पर हनुक्का समारोह के दौरान हुआ हमला इस्लामिक स्टेट (ISIS) से प्रेरित था। इस हमले में एक बच्चे समेत 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे।
पुलिस के मुताबिक इस हमले में पिता और बेटा संदिग्ध थे, जिनकी उम्र क्रमशः 50 और 24 साल बताई गई है। गोलीबारी के दौरान पिता को मौके पर ही मार गिराया गया, जबकि बेटा घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है।
हमले के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने पहली बार संदिग्धों की आतंकी विचारधारा को लेकर जानकारी साझा की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से जुड़े एक वाहन से इस्लामिक स्टेट का झंडा बरामद किया गया है।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी कहा कि पुलिस के बयान ठोस सबूतों पर आधारित हैं।
इस आतंकी हमले में 25 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। इनमें से 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि तीन बच्चे भी अस्पताल में भर्ती हैं। घायलों में एक व्यक्ति ऐसा भी शामिल है, जिसने एक हमलावर को दबोचकर उससे बंदूक छीन ली।
मारे गए लोगों की उम्र 10 से 87 साल के बीच थी। सभी पीड़ित रविवार को बॉन्डी बीच पर आयोजित हनुक्का कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
न्यू साउथ वेल्स के पुलिस कमिश्नर माल लैन्योन ने बताया कि घटनास्थल से हटाई गई एक गाड़ी में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी मिले हैं। इसके साथ ही ISIS से जुड़े झंडों की बरामदगी की भी पुष्टि की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों संदिग्ध पिछले महीने फिलीपींस गए थे, और अब जांच एजेंसियां उनकी उस यात्रा के उद्देश्य और गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
हमले के बाद प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और कई राज्य नेताओं ने देश के पहले से सख्त बंदूक कानूनों को और कड़ा करने का ऐलान किया है। अल्बनीज ने कहा कि हथियारों तक पहुंच को और सीमित किया जाएगा, क्योंकि हमलावर ने कानूनी तौर पर हथियारों का जखीरा जमा किया था।
1996 में तस्मानिया के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद यह बंदूक कानूनों में सबसे बड़े सुधार माने जा रहे हैं।
फेडरल पुलिस कमिश्नर क्रिसी बैरेट ने कहा कि हमलावरों ने बेहद बेरहमी से हमला किया और उन्हें पीड़ितों की उम्र या पहचान से कोई फर्क नहीं पड़ा। उनका मकसद सिर्फ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मारना था।
जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस हमले से जुड़े और भी खुलासे होने की संभावना है।















