इस्लामाबाद/तेहरान। ईरान पर इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के संयुक्त हमले के बाद पाकिस्तान ने इसकी आलोचना की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर हालात पर चर्चा की।
टेलीफोनिक वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने ईरान और व्यापक क्षेत्र में तेजी से बदलती सुरक्षा स्थिति पर विचार-विमर्श किया। इशाक डार ने हमलों को “अनुचित” बताते हुए कहा कि संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक और शांतिपूर्ण वार्ता से निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने तनाव को तत्काल कम करने, संयम बरतने और संवाद प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की अपील की।
इस समय पाकिस्तान खुद भी क्षेत्रीय तनाव से जूझ रहा है। अफगानिस्तान के साथ सीमा क्षेत्रों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच हाल के दिनों में गोलीबारी और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि 22 फरवरी और 27 फरवरी को पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के कुछ ठिकानों पर कार्रवाई के बाद जवाबी हमले शुरू हुए। अफगान पक्ष ने पाकिस्तान की कई चौकियों पर कब्जे का दावा भी किया है।
ऐसे समय में जब पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हालात तनावपूर्ण हैं, ईरान पर हुए संयुक्त हमलों और उसके जवाबी एक्शन ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। ईरान ने इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले देशों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है, तो दक्षिण एशिया से लेकर मध्य-पूर्व तक सुरक्षा स्थिति और जटिल हो सकती है। फिलहाल पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वह विवादों के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करता है।















