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मलेशिया के “Most Wanted” आरोपियों ने मुंबई एयरपोर्ट पर हंगामा कर दिया — सुरक्षा बलों से की मारपीट, प्रत्यर्पण प्रक्रिया में तनाव

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (CSMIA) पर तीन मलेशियाई सबसे वांछित आरोपियों ने उत्पात मचाया, जिससे सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को कड़ी सुरक्षा बरतनी पड़ी। इन अपराधियों को मैनचेस्टर (यूके) से डिपोर्ट करके मुंबई लाया गया था, जहां उन्हें रॉयल मलेशिया पुलिस को सौंपा जाना था।

• ये तीनों आरोपी — नवींद्रेन राज कुमारसन, श्रीधरन सुब्रमणियन और प्रतीफकुमार सेल्वराज — “Operation Jack Sparrow” नामक मलेशियाई पुलिस के बड़े अभियान के तहत वांछित थे।
• यूके के मैनचेस्टर एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें पकड़ लिया और भारतीय विमान से उन्हें मुंबई लाया गया। अंतरराष्ट्रीय विमानन प्रोटोकॉल के तहत जहां इन्हें मलेशिया भेजा जाना था, वहीं मुंबई एयरपोर्ट पर प्रत्यर्पण प्रक्रिया के दौरान मामला बिगड़ गया।

• जैसे ही फ्लाइट मुंबई में उतरी, तीनों ने टर्मिनल 2 के पास आक्रामक व्यवहार दिखाया और सीआईएसएफ के जवानों के साथ मारपीट करने की कोशिश की।
• यात्रियों के बीच घबराहट फैलने पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया गया और आरोपियों को “रिफ्यूज़ल रूम” नामक उच्च-सुरक्षा वाले क्षेत्र में रखा गया।

• जांच एजेंसियाँ यह पता लगाने में लगी हैं कि इतने बड़े आपराधिक रिकॉर्ड के बावजूद ये आरोपियों मुंबई एयरपोर्ट तक कैसे पहुंच गए और अंतरराष्ट्रीय उड़ान ले पाए — क्या फर्जी दस्तावेज़ का इस्तेमाल हुआ, या इंटरपोल/रेड नोटिस सिस्टम में कोई चूक थी।
• मलेशिया की एलीट पुलिस टीम अगले 48 घंटों के भीतर मुंबई पहुंचकर इन आरोपियों की कस्टडी लेने वाली है।

यह तीनों आरोपियों पर मलेशिया में गंभीर आपराधिक मामलों — हत्या, सशस्त्र लूट, आगजनी और ड्रग्स से जुड़े मामलों सहित 80 से अधिक मामलों में वांछित है।

मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आरोपियों को सुरक्षित रूप से रिफ्यूज़ल रूम में रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

क्या आप चाहेंगे कि मैं बताऊं कि “Operation Jack Sparrow” क्या है और मलेशिया में इसे क्यों चलाया गया? (मैं आपको उसकी पृष्ठभूमि भी दे सकता हूँ.)