देहरादून, 07 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया से वार्ता करते हुए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल मनरेगा का नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति की संरचनात्मक पुनर्रचना है, जिससे गांव, किसान और श्रमिक सभी सशक्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम किसानों को सुरक्षा, श्रमिकों को रोजगार, महिलाओं को सम्मान और गांवों को विकास की नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि विकसित गाँव से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यह कानून मजबूत नींव बनेगा।
🧾 100 से 125 दिन रोजगार की गारंटी
- मुख्यमंत्री ने बताया कि VB-G RAM G के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 के स्थान पर 125 दिन रोजगार का कानूनी अधिकार मिलेगा, जो पहले से 25% अधिक है।
- 15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य
- साप्ताहिक भुगतान और देरी पर मुआवजे का प्रावधान
- संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय
📱 तकनीक आधारित पारदर्शिता
- योजना को भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए इसमें कई आधुनिक तकनीकों का प्रावधान किया गया है:
- बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग और GIS मैपिंग
- मोबाइल ऐप और सार्वजनिक डैशबोर्ड
- AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन
- वर्ष में दो बार अनिवार्य सोशल ऑडिट
🌾 किसानों के हितों की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के बुवाई और कटाई के मौसम में अधिकतम 60 दिन तक योजना के कार्य कानूनी रूप से रोके जा सकेंगे, जिससे किसानों को मजदूरों की कमी न हो और खेती की लागत न बढ़े।
🏡 ग्राम सभा को मिलेगी असली ताकत
- कार्यों का चयन ग्राम सभा द्वारा
- कम से कम 50% कार्य सीधे ग्राम पंचायत स्तर पर
- जॉब कार्ड, पंजीकरण और योजना निर्माण स्थानीय स्तर पर तय होंगे
- 🛠️ गुणवत्ता और उपयोगिता पर जोर
- VB-G RAM G के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना और आजीविका परिसंपत्तियों से जुड़े कार्य किए जाएंगे, जिनमें तालाब, चेकडैम, सड़क, नाली, स्कूल, अस्पताल, SHG शेड, स्किल सेंटर, ग्रामीण हाट, रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज और पिचिंग जैसे कार्य शामिल होंगे।
👩🌾 महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए स्किल सेंटर, शेड और ग्रामीण हाट का निर्माण किया जाएगा, जिससे महिलाओं को गांव में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।
🏗️ मजबूत प्रशासनिक ढांचा
ग्राम रोजगार सहायक, फील्ड असिस्टेंट और तकनीकी सहायक के प्रशिक्षण व निगरानी पर खर्च
प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9%
💰 वित्तीय ढांचा
- सामान्य राज्यों के लिए 60:40 और हिमालयी/पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10 का अनुपात
- उत्तराखंड को केंद्र सरकार से 90% वित्तीय सहयोग
- मुख्यमंत्री ने कहा कि SBI के विश्लेषण के अनुसार इस अधिनियम से राज्यों को करीब ₹17,000 करोड़ का शुद्ध लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब-विरोधी नहीं, बल्कि गरीबी के मूल कारणों पर प्रहार है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और विधायक दलीप रावत भी उपस्थित रहे।













