नई दिल्ली। मार्च के अंतिम दिनों में उत्तर भारत के मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है। विभाग ने कई क्षेत्रों में यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
28 मार्च को
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- मेघालय
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं बिहार के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने की चेतावनी दी गई है।
29 मार्च को
- हरियाणा
- पंजाब
- चंडीगढ़
- दिल्ली
में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर में भी गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश की संभावना है।
बिहार के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- हवा की रफ्तार 50–60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है
- चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर में ओलावृष्टि की आशंका
मौसम विभाग ने किसानों से अपील की है कि:
- कटी और पकी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें
- ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है
राजस्थान में 27 से 30 मार्च तक
- आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
- बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में सावधानी जरूरी
मध्य प्रदेश में
- ग्वालियर सहित कई जिलों में अगले 24 घंटे में बारिश
- तापमान 41°C से ऊपर, बारिश से राहत की उम्मीद
उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में
- हल्की बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का यलो अलर्ट
- उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में
- बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना
जम्मू और कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में एवलांच की घटना सामने आई, जिसमें 20 से अधिक वाहन फंस गए थे।
- बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन की टीम ने त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।
उत्तर भारत में बदलता मौसम जहां गर्मी से राहत ला सकता है, वहीं आंधी-तूफान और ओलावृष्टि किसानों और आम लोगों के लिए परेशानी भी बढ़ा सकते हैं। ऐसे में सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।














