बंगाल चुनाव से पहले बयानबाजी तेज, बावनकुले का ममता पर “कौरव राजनीति” का आरोप

कोलकाता/नागपुर। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच चंद्रशेखर बावनकुले ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है और उन पर “कौरवों की राजनीति” करने का आरोप लगाया है।

नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान बावनकुले ने कहा कि ममता बनर्जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि “कौरव कौन हैं और पांडव कौन।” उन्होंने कहा, “हमारे पांच पांडव चुनाव जीतने के लिए काफी हैं, जबकि कौरवों की पूरी फौज उनके साथ है।”

बावनकुले ने आगे आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की राजनीति पारदर्शिता और ईमानदारी पर आधारित नहीं है। उन्होंने कहा, “कौरवों की राजनीति ममता बनर्जी करती हैं, हम नहीं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच्चाई और पारदर्शिता के आधार पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, जबकि ममता बनर्जी बूथ कैप्चरिंग के जरिए चुनाव जीतना चाहती हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल चुनाव में जनता तय करेगी कि वह किसके साथ खड़ी है। साथ ही जानकारी दी कि महाराष्ट्र बीजेपी के विधायक, सांसद और पदाधिकारी केरल और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे।

दरअसल, यह बयानबाजी ममता बनर्जी के उस बयान के बाद तेज हुई है, जिसमें उन्होंने बर्द्धमान और बीरभूम में जनसभा के दौरान टीएमसी को “पांडव” और भाजपा को “कौरव” बताया था। उन्होंने कहा था कि यह चुनाव “पांडवों और कौरवों” के बीच की लड़ाई है।

इसके अलावा बावनकुले ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत है और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर पहुंचती दिख रही है। “पांडव-कौरव” जैसे प्रतीकों के जरिए दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि जनता किसके पक्ष में फैसला देती है।