खटीमा। Pushkar Singh Dhami ने गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। यह कार्यक्रम उनके पिता स्वर्गीय Sher Singh Dhami की छठी पुण्यतिथि पर सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन और 162.26 लाख रुपये की लागत से बने सैनिक मिलन केंद्र का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने पिता एवं शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने
60 वीर नारियों
80 वीर सैनिकों
को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में Pushkar Singh Dhami ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है। उन्होंने बताया कि उनके पिता के विचार और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्व. शेर सिंह धामी ने महार रेजिमेंट में 28 वर्षों तक सेवा दी और
Sino-Indian War
Indo-Pakistani War of 1965
Indo-Pakistani War of 1971
जैसे युद्धों के साथ ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक में भी योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में देश का रक्षा उत्पादन तेजी से बढ़ा है।
2014-15 में 46 हजार करोड़ रुपये
2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये
तक पहुंच गया है, जबकि रक्षा निर्यात 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और शहीदों के परिजनों के लिए लगातार काम कर रही है।
अनुग्रह राशि में वृद्धि
आश्रितों को सरकारी नौकरी
वीरता पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी
परमवीर चक्र विजेताओं के लिए राशि 50 लाख से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है।
देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी। साथ ही शहीद परिवारों के लिए सरकारी नौकरी आवेदन की अवधि 2 से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री Ganesh Joshi सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम न केवल सैनिकों के सम्मान का प्रतीक रहा, बल्कि राज्य सरकार की उनके कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।















