जयपुर: राजस्थान के अधिकांश जिलों में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज बारिश, ओलावृष्टि और धूलभरी आंधी का दौर शुरू कर दिया। इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन खेतों में तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
राज्य के कई हिस्सों—Jaipur, Ajmer, Nagaur, Bikaner, Churu, Sikar और Jalore सहित अनेक जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इससे खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है।
Bikaner के नोखा मंडी में खुले में रखा अनाज भी बारिश की भेंट चढ़ गया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भर गया और कई पेड़ गिर गए। तेज हवा और बारिश के बीच Beawar शहर में एक कार्यक्रम के लिए लगाया गया टेंट उड़ गया और एक ई-रिक्शा पर पेड़ गिरने की घटना भी सामने आई।
Jaisalmer में ओलावृष्टि के कारण इसबगोल और जीरा की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछी नजर आई। वहीं Ajmer के नांदला गांव में तेज हवा और बारिश के चलते बिजली का खंभा गिर गया। Jaipur में भी धूलभरी हवाओं और ओलों के कारण एक दुकान का छज्जा गिरने की घटना सामने आई।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में लगातार सक्रिय हो रहे Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण यह मौसम बना हुआ है। इसके प्रभाव से अरब सागर से नमी आ रही है, जिससे बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि हो रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम 8 अप्रैल तक जारी रह सकता है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक Radheshyam Sharma के अनुसार, 6 अप्रैल से एक और मजबूत सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, बिजली चमकने और ओले गिरने की संभावना बनी रहेगी।
इस अचानक बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि तैयार फसल को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।














