आगामी केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार हाईटेक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। रुद्रप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक पूरे यात्रा मार्ग पर CCTV कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
📹 200 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी
पूरे यात्रा रूट पर करीब 200 हाई रेजोल्यूशन CCTV कैमरे लगाए गए
इनमें से 181 कैमरे सक्रिय हैं
बाजार, संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्र और हेलीपैड तक निगरानी
👉 गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर भी 16 कैमरे लगाए गए हैं।
🚨 SOS प्वाइंट से तुरंत मिलेगी मदद
कुल 14 SOS प्वाइंट स्थापित
प्रमुख स्थान:
गौरीकुंड
जंगलचट्टी
भीमबली
लिनचोली
रुद्रा प्वाइंट
➡️ खास बात: नेटवर्क न होने पर भी यात्री सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकेंगे और उनकी लोकेशन ट्रेस की जा सकेगी।
🚁 ड्रोन और एनिमल ट्रैकिंग सिस्टम
5 ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी
करीब 5000 घोड़ा-खच्चरों पर:
बारकोड
टोकन
चिप लगाई जाएगी
➡️ इससे उनकी आवाजाही और सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी
👮♂️ भारी पुलिस बल तैनात
सोनप्रयाग से केदारनाथ तक
300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी
🖥️ 24×7 कंट्रोल रूम निगरानी
चारधाम यात्रा के दौरान:
जिला आपदा कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग
24 घंटे कर्मचारी तैनात
किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई
🟢 निष्कर्ष
इस बार केदारनाथ यात्रा को पहले से ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। CCTV, ड्रोन, SOS सिस्टम और ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाएं यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।














