बीरभूम रैली में पीएम मोदी का TMC पर हमला, घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बीरभूम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर जोरदार निशाना साधा। इससे पहले वे कूचबिहार में भी चुनावी सभा को संबोधित कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बीरभूम की धरती को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने एक भयमुक्त समाज का सपना देखा था, लेकिन वर्तमान में राज्य में स्थिति इसके विपरीत हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में “मां, माटी और मानुष” की भावना कमजोर पड़ी है और प्रदेश में भय का माहौल बना हुआ है।

उन्होंने बीरभूम के बोगतुई कांड का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना मानवता पर कलंक है, जिसमें निर्दोष महिलाओं और बच्चों को जिंदा जला दिया गया। उन्होंने इसे “महाजंगलराज” का उदाहरण बताते हुए राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।

प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि राज्य में फर्जी दस्तावेजों के जरिए घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो इस मामले की विशेष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बालू, पत्थर और कोयला खनन में अवैध गतिविधियां चल रही हैं, जिसमें प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने रामपुरहाट और मालदा की घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई।

राष्ट्रपति के सम्मान के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि द्रौपदी मुर्मू के साथ किया गया व्यवहार देश के संविधान और आदिवासी समाज का अपमान है।

उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि यह चुनाव माताओं और बहनों की सुरक्षा से जुड़ा है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर योजनाओं का लाभ बिना किसी कट-कमीशन के सीधे लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि राज्य में भय और असुरक्षा के माहौल को समाप्त करना जरूरी है और इसके लिए जनता को बदलाव का निर्णय लेना होगा।