वॉशिंगटन में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रंप भारत–पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव कम कराने का श्रेय लेते नजर आ रहे हैं।
बैठक के दौरान ट्रंप ने पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव को “बड़ा मामला” बताते हुए शरीफ को खड़े होने के लिए कहा और दोनों देशों को धन्यवाद दिया। उन्होंने दावा किया कि यदि दोनों देशों ने स्थिति नहीं संभाली होती तो वह व्यापार समझौते और टैरिफ को दबाव के तौर पर इस्तेमाल करते।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi से सीधे बात की और स्पष्ट किया कि अगर तनाव नहीं रुका तो व्यापार समझौते प्रभावित हो सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक, इसके बाद दोनों पक्ष किसी समझ पर पहुंचे।
बैठक में शरीफ ने कथित रूप से संघर्ष विराम में भूमिका निभाने के लिए ट्रंप का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उस समय हालात बेहद संवेदनशील थे और तनाव तेजी से बढ़ रहा था।
हालांकि, भारत पहले भी किसी तीसरे देश की मध्यस्थता के दावों को खारिज करता रहा है। भारत का आधिकारिक रुख रहा है कि संघर्ष विराम पर सहमति दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों—डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO)—के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी थी।
गौरतलब है कि भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जिसे आतंकवादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई बताया गया। यह कदम पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में उठाया गया था।
ट्रंप के हालिया बयान के बाद एक बार फिर भारत–पाकिस्तान संबंधों और कथित मध्यस्थता को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।















