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उत्तराखंड में मोदी मैजिक मतदाताओं के सिर चढ़कर बोलता रहा

उत्तराखंड में मोदी मैजिक मतदाताओं के सिर चढ़कर बोलता रहा

सैन्य बहुल उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैन्य प्रेम को लेकर ही कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर दिया। सेना के नाम पर राजनीति करने का बड़ा आरोप लगाते हुए उन्होंने श्रीनगर की विजय संकल्प सभा में कांग्रेस पर चुन-चुन कर हमले किए। मोदी ने तुष्टीकरण पर भी कांग्रेस को घेरा।  अपने संबोधन में उन्होंने स्थानीय जनमानस को छूते हुए विकास के नाम पर जनादेश मांगा और कहा कि इसके लिए डबल इंजन की सरकार जरूरी है।उत्तराखंड में मोदी मैजिक मतदाताओं के सिर चढ़कर बोलता रहा है। इसका प्रमाण है कि वर्ष 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पांचों सीटों पर जीत मिली। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 70 में से 57 सीटें जीतने में सफल रही। अब भाजपा फिर उम्मीद कर रही है कि इस विधानसभा चुनाव में भी उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के चमत्कारी व्यक्तित्व का पूरा फायदा मिलेगा। कोविड प्रतिबंध के कारण अब तक भाजपा ने प्रधानमंत्री की हरिद्वार व नैनीताल लोकसभा सीटों के लिए दो वर्चुअल सभाएं कराई थीं।

कोरोना संक्रमण कम होने पर मिली कुछ ढील के बाद गुरुवार को श्रीनगर (गढ़वाल) में प्रधानमंत्री मोदी की पहली जनसभा हुई। इस सभा में मोदी अपनी पूरी रौ में दिखे। उत्तराखंड की ब्रह्मकमल टोपी पहने मोदी ने गढ़वाली बोली में संबोधन की शुरुआत की और इसके बाद कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले कर उसे कठघरे में खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सीडीएस जनरल बिपिन रावत, जो पौड़ी गढ़वाल के ही मूल निवासी थे, के असामयिक निधन के बाद कांग्रेस ने देहरादून में राहुल गांधी की जनसभा में उनके बड़े-बड़े कटआउट लगाए थे। इस पर मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया।

उत्तराखंड को सैन्य पृष्ठभूमि वाला राज्य भी कहा जाता है। यहां हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में रहा है या है। दरअसल, उत्तराखंड में सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़े मतदाता 12 प्रतिशत से अधिक हैं। इसलिए मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर वन रैंक, वन पेंशन के मुद्दे पर कांग्रेस को निशाने पर लेने से कोई गुरेज नहीं किया। तुष्टीकरण को लेकर भी मोदी कांग्रेस पर जमकर बरसे। यही नहीं, प्रधानमंत्री ने स्वयं को उत्तराखंड की संस्कृति से जोड़ा तो देवभूमि से से अपने लगाव को भी प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें बाबा केदार ने पुकारा और वह यहां चले आए। केदारनाथ की तरह बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के विकास की प्रतिबद्धता भी उन्होंने दोहराई।

प्रधानमंत्री ने राज्य में पिछले पांच सालों में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया कि डबल इंजन किस तरह से विकास की नई कहानी लिख सकता है। उन्होंने कांग्रेस के डबल इंजन और भाजपा के डबल इंजन के फर्क को भी समझाया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने राज्य के विकास में अवरोध खड़े किए, जबकि भाजपा के डबल इंजन ने अवरोध हटाकर राज्य को आगे बढ़ाने का काम किया। इस क्रम में उन्होंने विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया तो इस साल के बजट में किए गए प्रविधानों से राज्य को मिलने वाले लाभ के बारे में भी बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देवभूमि के विकास की रफ्तार तेज गति से आगे बढ़े, इसके लिए यहां डबल इंजन रहना जरूरी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में देवी-देवताओं को नमन किया तो गढ़वाली बोली में अपनी बात की शुरुआत की। उन्होंने कहा, ‘मेरा दाना-सयैणा, दीदी-भुलियों, भुला-भैजियों थैं म्यारु सिमन्या। म्यारु प्रणाम। मि आशा करदु कि आप सब कुशल मंगल होला।’ (बुजुर्गों, बड़ी-छोटी बहनों, छोटे व बड़े भाइयों, सभी को मेरा प्रणाम। मैं आशा करता हूं कि आप सब कुशल मंगल होंगे।) इसके बाद प्रधानमंत्री ने जै बदरी-जै केदार का उद्घोष किया और फिर अपनी बात रखी।

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