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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा गढ़वाल मंडल के 12 दिनी दौरे के बाद कुमाऊं मंडल का दौरा करेंगे

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा गढ़वाल मंडल के 12 दिनी दौरे के बाद कुमाऊं मंडल का दौरा करेंगे

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा गढ़वाल मंडल के 12 दिनी दौरे के बाद कुमाऊं मंडल का दौरा करेंगे। इस दौरे में चम्पावत उपचुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष करन माहरा के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के पस्त मनोबल को ऊपर उठाने की है। इस बड़ी चुनौती को महसूस कर ही माहरा ने अपने पहले दौरे के लिए गढ़वाल को चुना। अब 12 दिनी दौरे पर माहरा रवाना हो चुके हैं।

गढ़वाल क्षेत्र को कांग्रेस में हुई नियुक्तियों में कोई बड़ा पद नहीं मिला। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर नेता प्रतिपक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष कुमाऊं मंडल के खाते में गया है। इसे लेकर गढ़वाल क्षेत्र के कार्यकर्त्‍ताओं में व्याप्त नाराजगी को दूर करने की कोशिश में माहरा जुटे हैं।पार्टी नेताओं और कार्यकर्त्‍ताओं से मिले फीडबैक के आधार पर गढ़वाल में पार्टी को मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कदम उठाए जा सकते हैं।

माहरा के गढ़वाल मंडल के दौरे का समापन नौ मई को हरिद्वार में गंगा आरती से होगा। इसके बाद माहरा दूसरा दौरा कुमाऊं मंडल का करेंगे। कुमाऊं में चम्पावत सीट से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उपचुनाव में मैदान में हैं।कांग्रेस उपचुनाव को लेकर गंभीर है। माहरा के कुमाऊं मंडल के दौरे को मई में रखने का कारण यही उपचुनाव भी है। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष कुमाऊं मंडल में कांग्रेस का जनाधार बढ़ाने के लिए ताकत जुटा रहे हैं। उपचुनाव के माध्यम से पार्टी अपनी दमदार उपस्थिति का अहसास कराने की तैयारी में है।

कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में कुमाऊं मंडल में ज्यादा सीट मिली हैं। ऐसे में पार्टी उम्मीद कर रही है कि कुमाऊं में उसे अपनी राजनीतिक जमीन जल्द प्राप्त हो जाएगी। माहरा के साथ ही नेता प्रतिपक्ष एवं उपनेता प्रतिपक्ष की कोशिश भी यही है।करन माहरा को कांग्रेस ने युवा और नए चेहरे के तौर पर प्रदेश में आगे बढ़ाने का फैसला अपनी इसी रणनीति को ध्यान में रखकर किया है। माहरा विधानसभा चुनाव में मिली हार से पार्टी को उबारने की कोशिश में जुटे हैं, ताकि आने वाली चुनौतियों का मुकाबला मजबूती से किया जा सके।

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