रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए “रिलायंस इंटेलिजेंस” नामक नई कंपनी लॉन्च की। यह रिलायंस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई होगी। कंपनी का उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर AI हब के रूप में स्थापित करना है।
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा कि टेलीकॉम, रिटेल और एनर्जी कारोबार के बाद अब रिलायंस को “डीप-टेक एंटरप्राइज” में बदलना उनका अगला बड़ा लक्ष्य है।
चार बड़े मिशन
रिलायंस इंटेलिजेंस मुख्य रूप से चार मोर्चों पर काम करेगी:
-
जामनगर में गीगावॉट-स्तरीय, AI-रेडी डेटा सेंटर का निर्माण।
-
ग्लोबल टेक कंपनियों और ओपन-सोर्स कम्युनिटी के साथ रणनीतिक साझेदारी।
-
शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और छोटे व्यवसायों तक AI सेवाओं का विस्तार।
-
भारत में विश्वस्तरीय AI टैलेंट को आकर्षित करना।
Google के साथ गहरी साझेदारी
Google के साथ साझेदारी को अंबानी ने “डीपर, होलिस्टिक पार्टनरशिप” बताया।
Google CEO सुंदर पिचाई ने घोषणा की कि जेमिनी AI मॉडल्स को रिलायंस के कारोबार में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा जामनगर में ग्रीन एनर्जी से संचालित क्लाउड रीजन स्थापित होगा। Google और रिलायंस मिलकर AI-सक्षम स्मार्टफोन्स और एक्सटेंडेड-रियलिटी डिवाइस भी तैयार करेंगे।
Meta का AI विजन
Meta और रिलायंस ने एक ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है, जो भारतीय व्यवसायों और सरकारी संस्थानों के लिए सुरक्षित और स्थानीय जरूरतों के मुताबिक AI प्लेटफॉर्म तैयार करेगा।
Meta CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा—
“हम चाहते हैं कि भारत का हर व्यक्ति AI और सुपरइंटेलिजेंस तक पहुंच सके। यह साझेदारी दिखाएगी कि ओपन-सोर्स AI को कैसे सुरक्षित तरीके से राष्ट्रीय स्तर पर स्केल किया जा सकता है।”
AI बनेगा नया ग्रोथ इंजन
रिलायंस ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब कंपनी अपने पारंपरिक ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस से आगे बढ़कर डिजिटल सेवाओं और क्लीन एनर्जी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जियो को भारत का सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर बनाने और रिटेल सेक्टर में वैश्विक पहचान हासिल करने के बाद अब अंबानी AI को कंपनी का अगला बड़ा ग्रोथ इंजन मान रहे हैं।
मुकेश अंबानी ने 48वीं AGM में कहा:
“जियो ने हर भारतीय तक डिजिटल क्रांति पहुंचाई, अब रिलायंस इंटेलिजेंस हर भारतीय तक AI पहुंचाएगा।”