ताजा खबरें >- :
उत्तराखंड राज्य मे मच सकती है तबाही ,भूगर्भीय हलचलों से

उत्तराखंड राज्य मे मच सकती है तबाही ,भूगर्भीय हलचलों से

भूगर्भीय सतह पर होने वाली हलचलें यदि तेज हुईं तो कुमाऊं मंडल के पहाड़ी क्षेत्रों में समस्या बढ़ सकती है। इस बात का दावा कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में भूविज्ञान की दो शोध छात्राओं सुष्मिता पंत और नाजिया हसन ने अपने शोध पत्र में किया है। दोनों छात्राओं को इस शोध पत्र के लिए लखनऊ में आयोजित एक सेमिनार में सम्मानित भी किया गया है।

सुष्मिता और नाजिया कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के भूविज्ञान विभाग में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. प्रदीप गोस्वामी के निर्देशन में पीएचडी कर रहीं हैं। उनके द्वारा बाहरी निम्न हिमालय, आंतरिक निम्न हिमालय में हो रहीं भूगर्भीय हलचलों के कारण आ रही विरूपता को लेकर शोध कार्य चल रहा है।

बागेश्वर-सोमेश्वर के पास के क्षेत्रों का अध्ययन किया
शोध के दौरान सुष्मिता ने द्वाराहाट-रानीखेत और नाजिया ने बागेश्वर-सोमेश्वर के पास के क्षेत्रों का अध्ययन किया। बताया जाता है कि उक्त क्षेत्रों में भूगर्भीय हलचलों को आंकने के लिए शोध नहीं हुआ है। दोनों छात्राओं ने शोध कार्य से निकले प्राथमिक परिणामों में पाया गया है कि उक्त पहाड़ी क्षेत्रों में आई दरारें काफी सक्रिय रूप में हैं।

यदि भूकंप का केंद्र कुछ दूरी पर भी होता है तो ये सक्रिय दरारें विकराल रूप ले सकती हैं। उन्होंने अपने शोध के प्राथमिक परिणामों में सरकार को चेताने का भी प्रयास किया है कि यदि उक्त क्षेत्र के आसपास भूगर्भीय हलचलें तीव्र हुई तो आपदा तबाही मचा सकती है। छात्राओं में शोध कार्य को जारी रखा है, लेकिन दरारों के सक्रिय होने के कारण भविष्य की चिंताओं को देखते हुए सरकार को उच्चस्तरीय शोध कराने की जरूरत है।

Related Posts