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यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के छात्रों की रविवार से घर वापसी शुरू हो गई

यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के छात्रों की रविवार से घर वापसी शुरू हो गई

आज सुबह यूक्रेन से उत्‍तराखंड के सात छात्र स्‍वेदश लौटे। बता दें कि यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के छात्रों की रविवार से घर वापसी शुरू हो गई थी। यूक्रेन से विशेष विमान से प्रदेश के 15 छात्रों को मुंबई लाया गया था। इसके बाद दिल्ली से उन्हें उनके मूल स्थानों को भेजा गया।यूक्रेन से सोमवार को सात और लोग वापस उत्तराखंड लौटे हैं। अब तक राज्य के 22 लोग वापस लौट चुके हैं। यूक्रेन में उत्तराखंड के 226 लोग फंसे हुए हैं, जिसमें छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक है। उत्तराखंड सरकार लगातार केंद्र से समन्वय बनाए हुए है। नोडल अधिकारी लगातार स्वजन के संपर्क में हैं। उत्तराखंड सरकार की टीम ने आज सुबह सात उत्‍तराखंड के छात्रों को दिल्‍ली एयरपोर्ट पर रिसीव किया। यह यूक्रेन से फ्लाइट एआई 1942 से भारत आए हैं। इनके नाम हैं तमन्ना त्यागी, प्रेरणा बिष्ट, शिवानी जोशी, लिपाक्षी, अताउल्लाह मलिक, मोहम्मद मुकर्रम और उर्वशी जंतवाली।

यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों की सकुशल स्वदेश वापसी के संबंध में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विदेश मंत्रलय की ओर से चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत देश के नागरिकों की स्वदेश लाया जा रहा है। उत्तराखंड के भी कई नागरिकों की घर वापसी हो चुकी है। वह विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं और बाकी फंसे उत्तराखंड वासियों की वतन वापसी के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होनें अभिभावकों को यूक्रेन में फंसे बच्चों को सुरक्षित निकालने का आश्वासन दिया है।

यूक्रेन पर रूस के लगातार हमले से बढ़ी मुसीबत के चलते तमाम ऐसे परिवार परेशान है जिनके बच्चे वहां फंसे हैं। इसमें विकासनगर के एक व्यापारी की बेटी भी यूक्रेन के खारकीव शहर में फंसी हुई है। स्वदेश लौटने के लिए वह शहर के एक मेट्रो स्टेशन में छिपी है। स्वजन की बेटी से रोजाना फोन पर बात तो हो रही है, लेकिन खतरे की आशंका को लेकर सभी बेहद परेशान हैं। रविवार को बातचीत के दौरान बेटी ने बताया कि फिलहाल अभी तक खाने पीने की समस्या नहीं है, लेकिन फ्लाइट के आने के इंतजार में वह लगातार चिंतित है।

देहरादून जनपद के विकासनगर निवासी व्यापारी दिनेश अरोड़ा की पुत्री युक्ति अरोड़ा पिछले दो साल से यूक्रेन के खारकीव शहर में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही है। यूक्रेन पर हमला करते हुए रूस की सेना कीव तक पहुंच चुकी है। यूक्रेन के खारकीव में फंसी छात्रा युक्ति की सुरक्षा को लेकर परिवार के सदस्य बेहद चिंतित हैं। पिता दिनेश अरोड़ा ने बताया कि युक्ति से उनकी रोजाना फोन पर बात हो रही है। उसके साथ कई अन्य भारतीय भी उसी मेट्रो स्टेशन में हैं, जहां वह भारतीय विमान आने की सूचना का इंतजार कर रहे हैं। युक्ति के पिता दिनेश अरोड़ा, चाचा नितेश अरोड़ा और दिल्ली में रह रही बड़ी बहन अर्पिता अरोड़ा ने कहा कि बेटी के सुरक्षित घर लौटने के लिए वह ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। युक्ति ने स्वजन को बताया कि खारकीव शहर से मीलों दूर बार्डर पर रूस का हमला लगातार जारी है। तेज धमाके और लड़ाकू विमान की आवाज लगातार सुनाई देती है। भयभीत करने वाली आवाज से वहां हर कोई डरा सहमा सा है।

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