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कोटद्वार सीट से चुनावों में जीत दर्ज करने वाली ऋतु खंडूड़ी भूषण बनी उत्‍तराखंड विस की पहली महिला अध्‍यक्ष

कोटद्वार सीट से चुनावों में जीत दर्ज करने वाली ऋतु खंडूड़ी भूषण बनी उत्‍तराखंड विस की पहली महिला अध्‍यक्ष

उत्‍तराखंड की पांचवीं विधानसभा में नया इतिहास रच गया है। राज्‍य बने 22 साल हो गए हैं और ऐसा पहली बार हुआ है। जी हां, कोटद्वार सीट से चुनावों में जीत दर्ज करने वाली ऋतु खंडूड़ी भूषण उत्‍तराखंड विस की पहली महिला अध्‍यक्ष बन गई हैं।शनिवार को उत्‍तराखंड विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद ऋतु खंडूड़ी भूषण ने अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और माता अरुणा खंडूड़ी से आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने विधिवत रूप से कामकाज शुरू किया।उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। खंडूड़ी ने सचिव विधानसभा समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर 29 मार्च से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र की तैयारियों के संबंध में जानकारी लेने के साथ ही आवश्यक निर्देश भी दिए।

इस दौरान पुत्री को आशीर्वाद देने के लिए पिता भुवन चंद्र खंडूड़ी और माता अरुणा खंडूड़ी समेत अन्य स्वजन भी पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष खंडूड़ी ने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।उन्होंने कहा कि यह गौरवपूर्ण क्षण उत्तराखंड की सभी महिलाओं के लिए है, जहां सर्वोच्च सदन में अध्यक्ष की जिम्मेदारी महिला को दी गई है। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान सदन में वह पक्ष एवं विपक्ष को साथ लेकर जनहित से जुड़े विषयों पर प्रमुखता से चर्चा के लिए सभी सदस्यों को समान अवसर देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा भवन में महिला सदस्यों के बैठने के लिए अलग से कक्ष नहीं है। वह इसके लिए प्रयास करेंगी।

पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी 10 साल बाद शनिवार को विधानसभा पहुंचे। दरअसल, वर्ष 2007 से 2012 तक भाजपा सरकार के कार्यकाल में खंडूड़ी मुख्यमंत्री थे। 2012 के चुनाव में भाजपा को बहुमत नहीं मिला और तब स्वयं खंडूड़ी भी चुनाव हार गए थे। इस बीच अस्वस्थता के चलते वह सक्रिय राजनीति से भी दूर रहे।विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया गुरुवार को प्रारंभ हुई। पहले दिन भाजपा विधायक खंडूड़ी ने मुख्यमंत्री धामी और उसके मंत्रिमंडल के सदस्यों की उपस्थिति में 16 सेट में नामांकन दाखिल किया। शुक्रवार को नामांकन के अंतिम दिन अन्य किसी प्रत्याशी ने नामांकन पत्र नहीं भरा। इससे खंडूड़ी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया था।

मुख्यमंत्री धामी ने खंडूड़ी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है। राज्य ने अपनी स्थापना के 22वें वर्ष में इतिहास रचा है। उन्होंने राज्य गठन में मातृशक्ति के योगदान को भी याद किया।भाजपा द्वारा महिला को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने का कांग्रेस ने भी स्वागत किया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ट्वीट कर राज्य की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह श्रेष्ठ निर्णय है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य निर्माण में आधी आबादी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।उन्होंने कहा कि देश में महिलाएं अपने अधिकार को लेकर संघर्षरत हैं और वे संसदीय व्यवस्था में 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग उठा रही हैं। इसे देखते हुए राज्य विधानसभा से इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जाना चाहिए।विधायक प्रीतम सिंह ने शनिवार को सदन में नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को शुभकामनाएं देते हुए उक्त सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए और इस आवाज को बुलंद करने की पहल उत्तराखंड से होनी चाहिए।

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