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शासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में प्रांतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठता सूची जारी कर दी

शासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में प्रांतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठता सूची जारी कर दी

शासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में प्रांतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठता सूची जारी कर दी है। इस सूची में वर्ष 2002 बैच के सीधी भर्ती के जरिये आए सभी 18 अधिकारियों को पदोन्नत अधिकारियों से ऊपर रखा गया है। ऐसे में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) के रिक्त पदों के सापेक्ष ये अधिकारी आइएएस बनने के पात्र हो गए हैं। शासन द्वारा इस पत्रावली को अभी कार्मिक मंत्रालय, भारत सरकार को नहीं भेजा गया है। माना जा रहा है कि चुनाव के नतीजे आने के बाद यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।प्रदेश में सीधी भर्ती से आए पीसीएस अधिकारियों और पदोन्नत पीसीएस अधिकारियों के बीच वर्ष 2011 से ही वरिष्ठता विवाद चला आ रहा है। इन अधिकारियों को पदोन्नत ग्रेड वेतन तो मिला लेकिन पदोन्नति नहीं मिल पाई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश से अलग होकर वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड का गठन हुआ, उस समय प्रदेश में पीसीएस अधिकारियों की संख्या खासी कम थी। इसे देखते हुए शासन ने तहसीलदार व कार्यवाहक तहसीलदारों को तदर्थ पदोन्नति देकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बना दिया था। यह सिलसिला वर्ष 2003 से 2005 तक चला। इसी दौरान वर्ष 2005 में सीधी भर्ती से 20 पीसीएस अधिकारियों का चयन हुआ। इन्होंने 2002 में परीक्षा दी थी। विवाद की स्थिति तब पैदा हुई, जब उत्तराखंड शासन ने अधिकारियों की पदोन्नति के लिए वर्ष 2010 में एक फार्मूला तैयार किया।

इसके तहत वरिष्ठता सूची में एक अधिकारी सीधी भर्ती, तो एक अधिकारी पदोन्नत अधिकारी में से लिया गया। इस पर पदोन्नत पीसीएस अधिकारियों ने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। इसी वर्ष फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने सीधी भर्ती वालों के पक्ष में फैसला दिया। इस बीच पदोन्नत अधिकारियों ने सीधी भर्ती के पांच अधिकारियों को लेकर आपत्ति जताई। कहा गया 13 रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती हुई थी, लेकिन इसमें 18 अधिकारी भर्ती किए गए। ऐसे में पांच अधिकारियों को वरिष्ठता क्रम में उनसे नीचे रखा जाए। इस पर शासन ने वरिष्ठता सूची जारी करते हुए आपत्तियां आमंत्रित की। इसमें भी विरोधाभास देखते हुए शासन ने सुप्रीम कोर्ट से आदेश की स्पष्ट व्याख्या करने का अनुरोध किया।सुप्रीम कोर्ट से मिले दिशा-निर्देशों के क्रम में शासन ने पीसीएस अधिकारियों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी। अब इन्हें आइएएस बनाने की प्रक्रिया संपन्न की जानी है। इन्हें वरिष्ठता के आधार पर 2015 का आएएस बैच मिलना है। हालांकि, चुनाव के कारण शासन ने बभी संबंधित पत्रावली केंद्र को नहीं भेजी है। प्रदेश में अभी आइएएस के 14 पद रिक्त हैं। पहले इन पदों को भरा जाएगा। शेष चार अधिकारियों को भविष्य में रिक्त होने वाले पदों के सापेक्ष आइएएस संवर्ग आवंटित किया जाएगा।

 

 

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