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बर्फबारी दिव्यांगों एवं 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के डाक मतपत्रों से मतदान की प्रक्रिया में भी खलल बनकर आई

बर्फबारी दिव्यांगों एवं 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के डाक मतपत्रों से मतदान की प्रक्रिया में भी खलल बनकर आई

खराब मौसम और बर्फबारी दिव्यांगों एवं 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के डाक मतपत्रों से मतदान की प्रक्रिया में भी खलल बनकर आई। बीते गुरुवार को जिले की 165 पोलिंग पार्टियां डाक मतपत्रों से घर-घर मतदान करवाने रवाना हुई। लेकिन खराब हिमपात के बीच कई पार्टियां रात में ही फंस गई। हालांकि देर रात वैकल्पिक व्यवस्था कर पार्टियों को गंतव्य भेज दिया गया। लेकिन इस बीच बर्फबारी में पार्टिंयों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब मौसम को देखते हुए डाकमतपत्र से मतदान प्रक्रिया की तिथि सात फरवरी तक कर दी गई है।

14 फरवरी को विधानसभा चुनाव के तहत मतदान प्रक्रिया होनी है। इस बार दिव्यांगों और 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर-घर मतदान करवाने की योजना है। जिसके लिए जिले में कुल 373 दिव्यांगों और 80 वर्ष से अधिक उम्र के 2989 मतदाताओं को घरों में ही मतदान करवाने के लिए 165 पोलिंग पार्टियां बनाई गई। छह विधानसभाओं में पोलिंग पार्टियों को रोस्टर के अनुसार तीन से पांच फरवरी तक मतदान करवाने के निर्देश दिए गए थे। गुरुवार को सुबह एसएसजे परिसर के सिमकनी मैदान से अल्मोड़ा, जागेश्वर और सोमेश्वर की पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया था। पार्टियों को मतदान से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी गई।

बैलेट पेपर और अन्य सामग्री के साथ पार्टियाें ने रोस्टर के अनुसार घर-घर जाकर दिव्यांओं और बुजुर्गों को मतदान करवाया। लेकिन खराब मौसम के बीच जगह-जगह मोटरमार्ग बंद पड़ गए। जिससे कई पोलिंग पार्टियां रास्ते में विभिन्न स्थानों में फंस गई। रात में प्रशासन की ओर किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था कर पार्टियों को गंतव्य पहुंचाया गया। पर पूर्व में पांच फरवरी तक चले वाली प्रक्रिया को खराब मौसम के बीच सात फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। सभी स्थानों में समय पर सभी मतदाताओं से मताधिकार का उपयोग करवाया जाए इसके लिए अब सात फरवरी तक पोलिंग पार्टियां संबंधित विधानसभाओं और बूथों के आस-पास रहेगी।

 

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