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उत्तराखंड व आइआइटी कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट साइबर क्राइम को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग करेगा; मुख्य सचिव एसएस संधु

उत्तराखंड व आइआइटी कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट साइबर क्राइम को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग करेगा; मुख्य सचिव एसएस संधु

बढ़ते साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस अब देश के बेस्ट आइआइटी (जिसमें कंप्यूटर साइंस का डिपार्टमेंट साइबर सिक्योरिटी में सबसे अच्छा होगा) के साथ सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाएगी। उत्तराखंड व आइआइटी कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट साइबर क्राइम को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग करेगा। पुलिस मुख्यालय में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन में यह बात मुख्य सचिव एसएस संधु ने कही।

वर्तमान में परंपरागत अपराध के साथ साइबर अपराध के मामले बढ़े हैं। लोग साइबर ठगों के झांसे में आकर अपनी जिंदगी भर की कमाई एक झटके में खो देते हैं। पुलिस की ओर से साइबर ठगों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर रणनीति बनाई जाती है, लेकिन इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में औसतन प्रतिदिन 50 साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें बैंक का अधिकारी बनकर एटीएम कार्ड का पिन और ओटीपी लेना, लाटरी निकलने, आनलाइन सामान खरीदने व बेचने के नाम पर, विदेश में नौकरी दिलाने का लालच, फेसबुक पर दोस्ती की आड़ में, सिम व बैंक खाते की केवाइसी अपडेट करवाने, वीडियो कालिंग कर ब्लैकमेलिंग करने आदि शामिल हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ कम होने से यहां पर उद्योगों व पर्यटन के क्षेत्र में अनुकूल माहौल बना है और उत्तराखंड पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह है। अब प्रदेश के पर्यटन स्थलों में तैनात पुलिसकर्मियों को साफ्ट स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी। पुलिसकर्मियों को 4600 ग्रेड पे पर मुख्य सचिव ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में शासनादेश जारी किया जाएगा।पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि नशा तस्करों पर अंकुश लगाने के लिए गठित एंटी ड्रग टास्क फोर्स (एडीटीएफ) को और सुदृढ़ किया जाएगा। नशे के खिलाफ पुलिस, समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग में समन्वय जरूरी है, इसके लिए तीनों विभागों की त्रैमासिक बैठक की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप ‘स्मार्ट पुलिसिंग की ओर’ थीम पर उत्तराखंड पुलिस के आपरेशनल, प्रशासनिक और मार्डनाइजेशन के स्तर को बढ़ाने व उसे और अधिक स्मार्ट बनाने के लिए सम्मेलन आयोजित किया गया है।

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