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उत्तराखंड से विशेष लगाव रखने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने की परिकल्पना की है

उत्तराखंड से विशेष लगाव रखने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने की परिकल्पना की है

उत्तराखंड से विशेष लगाव रखने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने की परिकल्पना की है।  उत्तराखंड को हर दृष्टि से सक्षम बनाने का उनका संकल्प है, जिस पर प्रदेश में लगातार दूसरी बार सत्तासीन हुई भाजपा सरकार को आगे बढ़ना है।पांचवीं विधानसभा के मंगलवार से शुरू हुए सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण में धामी सरकार के संकल्प में नमो का यह विजन झलका भी है। तीर्थाटन, गांवों और पहाड़ में संचार व रोपवे परिवहन नेटवर्क, किसानों को प्रोत्साहन जैसे संकल्प इसके उदाहरण हैं। संचार और रोपवे कनेक्टिविटी के लिए केंद्र की मदद से सरकार आगे बढ़ेगी।

देवभूमि उत्तराखंड तीर्थाटन व पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला राज्य है। हर साल सामान्य परिस्थितियों में साढ़े तीन करोड़ पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिनमें बड़ी संख्या तीर्थयात्रियों की है। इस सबको देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी भी पर्यटन व तीर्थाटन पर जोर देते आए हैं।प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारपुरी नए कलेवर में निखर चुकी है और वहां तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ी है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर केदारनाथ की तरह बदरीनाथ धाम को विकसित किया जा रहा है। गंगोत्री व यमुनोत्री में भी ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए धनराशि दी गई है।

राज्यपाल के अभिभाषण में चारधाम सर्किट के मंदिरों और गुरुद्वारों में भौतिक ढांचे व परिवहन सुविधाओं के विस्तार के साथ ही मानसखंड मंदिर माला मिशन का संकल्प भी प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप है।भाजपा ने अपने दृष्टिपत्र में भी इसे शामिल किया था और अब इन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। दृष्टिपत्र में हरिद्वार को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए बड़े स्थल के रूप में विकसित करने का वादा किया गया था, जिस पर सरकार आगे बढ़ेगी। इसके अलावा किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान प्रोत्साहन निधि की शुरुआत पर भी प्रधानमंत्री का विजन ही दृष्टिगोचर होता है।

बदली परिस्थितियों में संचार नेटवर्क पर भी केंद्र का विशेष जोर है। इस दृष्टिकोण से देखें तो उत्तराखंड का विषम भूगोल खासा चुनौतीभरा है। यद्यपि, राज्य में हाईस्पीड इंटरनेट सेवाओं के दृष्टिगत केंद्र की मदद से इंटरनेट एक्सचेंज स्थापित किए जा रहे हैं। अब सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक मोबाइल नेटवर्क और हाईस्पीड इंटरनेट सेवाओं का इरादा जताया गया है।साफ है कि यह योजना केंद्र की मदद से फलीभूत होगी। पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे परिवहन नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बजट में पर्वतमाला परियोजना प्रारंभ करने की घोषणा की थी। इसका लाभ भी राज्य को मिलेगा। राज्य के सीमांत क्षेत्र के गांवों में बसागत बढ़ाने की पहल में भी केंद्र सरकार की सीमांत क्षेत्र विकास योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

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