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हमारी नगरी पौड़ी इन दिनों ग्रीष्मोत्सव के रंग में रंगी हुई

हमारी नगरी पौड़ी इन दिनों ग्रीष्मोत्सव के रंग में रंगी हुई

हमारी नगरी पौड़ी इन दिनों ग्रीष्मोत्सव के रंग में रंगी हुई है.फुटबाल मैच . सांस्कृतिक संध्या. चित्रकला प्रदर्शनी. कवि सम्मेलनऔर कई तरह की प्रतियोगिताओं में उमड़ रही भीड़ इस बात की गवाह हैं की पौड़ी खाली नहीं हुई है . हां बस उसे थोडा और निखारने की जरूरत है . पौड़ी में ग्रीष्मोत्सव की शुरुआत 6जून 2003को हुई थी तब तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने इसका उदघाटन किया था. जैसे ही तिवारी जी ने स्टेज से बोलना शुरू किया झमाझम बारिश होने लगी पौड़ी वासियों ने कंडोलिया ठाकुर को याद किया और बारिश चंद मिनटों में रुक गई.ऐसा पौड़ी के मंच पर कई बार हुआ है.. तब मैं सहारा टीवी में थी बड़ी मुश्किल से मंच पर ही उनकी बाइट हो पाई थी…तब सहारा एकमात्र रिजनल चैनल था.. पौड़ी की बात हो रही हो और यशपाल बेनाम का जिक्र ना आये ऐसा हो ही नहीं सकता . 8फरवरी 2003मे पहली बार पौड़ी के नगर पालिका अध्यक्ष बने यशपाल बेनाम पौड़ी के विकास के लिए समर्पित यहे है इसमें कोई दोराय नहीं .इस बात का प्रमाण इससे बड़ा क्या हो सकता है कि उन्हें पौड़ी की जनता ने तीन बार नगर पालिका अध्यक्ष बनाया और एक बार विधायक… उन्होंने भाजपा के तीरथ सिंह रावत को 11वोटो से शिकस्त दी थी..ये पौड़ी की जनता का विश्वास था की बेनाम के अलावा पौड़ी को कोई नहीं संवार सकता. विधायक रहते हुए उन्होंने पौड़ी के लिए विधानसभा में भी कई बार खुलकर बोला लेकिन अफसोस पौड़ी जिले के ही अन्य विधायकों का उन्हें साथ न मिल सका . बेनाम जब पौड़ी के मुद्दे पर बोलते थे तो अन्य विधायक बगलें झांकने लगते थे इस बात की गवाह मैं खुद हूं..बेनाम ने पहली बार नगर पालिका अध्यक्ष बनते ही घोषणा की थी की वे पौड़ी में ग्रीष्मोत्सव करवायेंगे ताकि गर्मियों में आने वाले पर्यटकों को यहां की संस्कृति से रुबरु कराया जा सके. और पौड़ी में पर्यटन की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिले..तब से ये सिलसिला बरकरार है सिवाय पिछले दो सालों को छोड़कर …कोरोना काल की वजह से यह आयोजन नहीं हो पाया.और दूसरी बात उन्होंने पौड़ी में राष्ट्रीय फुटबॉल मैच कराने की कही थी . क्यूंकि पौड़ी में फुटबॉल का जूनून किसी से छुपा नहीं है .आज भी जब कंडोलिया मैदान में मैच हो रहे हैं तो पूरा मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ है . पौड़ी ने देश दुनिया को एक से बढ़कर एक फुटबालर दिये है . इस पर कभी विस्तार से लिखूंगी …गढ़वाल मंडल की कमिश्नरी पौड़ी की भले ही राज्य के हुक्मरान सुध ना ले रहे हो लेकिन बेनाम पौड़ी को संवारने के लिए ईमानदारी से जुटे है … और पौड़ी की जनता का भी उन्हें भरपूर लाडदुलार मिल रहा है ….

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