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अब जल्द ही बिजली के खंबों से हटेगा तारों का जाल,

अब जल्द ही बिजली के खंबों से हटेगा तारों का जाल,

राज्य में बिजली के खंबों को केबिल संचालकों ने तार के जाल से उलझा कर रख दिया है। बिजली के पोल पर इन अवैध रूप से लगाई गई केबल के तारों पर कार्रवाई न किए जाने पर सचिव ऊर्जा राधिका झा ने नाराजगी जताते हुए यूपीसीएल के अफसरों को तलब कर लिया है। इन तारों के कारण न सिर्फ फॉल्ट बढ़ रहे हैं, आम लोगों के निजी कनेक्शनों में भी दिक्कत आ रही है। केबल संचालक पूरे प्रदेश में अपने नेटवर्क को विस्तार देने को बिजली के पोलों का ही इस्तेमाल करते हैं। इसके कारण कई जगहों पर बिजली के पोल केबल के जाल से पटे हुए हैं। केबिल के गुच्छे के गुच्छे बिजली पोलों को घेरे हुए हैं। इस काम के लिए केबिल संचालकों की ओर से न तो यूपीसीएल से कोई मंजूरी ली जाती है। न ही किसी प्रकार का कोई शुल्क जमा किया जाता है। केबल ऑपरेटरों की ओर से अपने कनेक्शनों को ठीक करने से लेकर बार बार खंबों पर चढ़कर छेड़छाड़ की जाती है। इससे लोगों के घरों के निजी कनेक्शनों के भी लूज होने के साथ ही फॉल्ट की भी समस्या बढ़ रही है।

इस गड़बड़ी का शासन ने संज्ञान लिया है। सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बिजली के खंबों पर लटके इन तारों को व्यवस्थित किए जाने को न सिर्फ एमडी यूपीसीएल, बल्कि जिलाधिकारी देहरादून और एसएसपी देहरादून को भी बुलाया है। ताकि सख्ती बरतने के दौरान प्रशासन और पुलिस का भी सहयोग ऊर्जा निगम को मिल सके। 21 अक्तूबर को सचिव ऊर्जा के कार्यालय में ये अहम बैठक होनी है।

 

शहर भर में बिजली के पोलों पर तार अव्यवस्थित रूप से नजर आ रही है। जगह-जगह लटक रही इन तारों के कारण दिक्कतें भी पेश आती हैं। इस स्थिति में सुधार के लिए ऊर्जा निगम को निर्देश दिए गए हैं। ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत पेश न आए। सख्ती के साथ ही इस व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा।
राधिका झा, सचिव ऊर्जा

 

करोड़ों रुपये का हो रहा नुकसान
बिजली के पोलों पर बिना मंजूरी केबल बिछाए जाने से हर साल ऊर्जा निगम को भी करोड़ों का नुकसान हो रहा है। पहली बार रिलायंस कंपनी की ओर से निगम को राज्य भर में 55 हजार बिजली के पोलों पर केबल बिछाने की एवज में 20 करोड़ का शुल्क जमा कराया गया है। प्राइवेट केबल संचालक राज्य भर में फैले लाखों बिजली के पोलों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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