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महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अनुपमा रावत ने कहा कि भाजपा सरकार की तानाशाही के दिन अब लद चुके

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अनुपमा रावत ने कहा कि भाजपा सरकार की तानाशाही के दिन अब लद चुके

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अनुपमा रावत ने कहा कि भाजपा सरकार की तानाशाही के दिन अब लद चुके हैं। आंदोलन और जनविरोध के चलते भाजपा सरकार को पहले तीनों कृषि कानून और अब चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड पर अपने कदम वापस खींचने पड़े हैं। उन्होंने इसे किसानों, तीर्थ पुरोहितों और कांग्रेस की जीत बताया।सोमवार को अनुपमा रावत खानपुर विधानसभा क्षेत्र के डूंगरपुर गांव में किसान कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार तानाशाही दिखाते हुए मनमाने फैसले जनता पर थोपने का कार्य कर रही है। सरकार आमजन का शोषण कर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए अनाप शनाप निर्णय ले रही है, लेकिन जनता अब पूरी तरह से सजग है और सरकार के हर गलत निर्णय का खुलकर विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में शहीद हुए सात सौ से अधिक किसानों का डेटा उपलब्ध न होने की बात कहते हुए सरकार सदन में एक बार फिर कृषि कानूनों पर चर्चा से भाग निकली। देवस्थानम बोर्ड पर भी प्रदेश सरकार का रवैया गैरजिम्मेदाराना रहा है। कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा सरकार की विदाई तय है। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुशील राठी ने कहा कि कांग्रेस देश के किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। जहां पर भी किसानों, गरीब, मजदूरों पर अत्याचार होगा, कांग्रेस उनकी आवाज बनेगी। इसके बाद अनुपमा रावत ने हबीबपुर और रायसी में भी कार्यकत्र्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनुज सैनी, मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष सत्यवीर सिंह, संजय सैनी एडवोकेट, युकां नेता अरुण चौधरी, तबरेज आलम, कुशलपाल सैनी, डा. उमादत्त शर्मा, धर्मराज चौहान, शादाब अली, जगमोहन सैनी, हेमा नेगी, सुशीला देवी, जगमेर सिंह, मोहम्मद साकिब, विपिन सैनी आदि मौजूद रहे।

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