इसके साथ की कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार भविष्य के कार्यों और उन योजनाओं पर विचार-विमर्श कर सकता है, जिन्हें लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए लागू करने की आवश्यकता है। सूत्रों ने यह भी कहा कि मंत्रियों को अगले तीन वर्षों के लिए केंद्र के दृष्टिकोण के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही कहा गया कि आत्मनिर्भर भारत और कोरोना द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का मुकाबला करने के तरीकों पर जोर दिया जाएगा। साथ ही मंत्रालयों को उन राज्यों के लिए अपनी योजनाएं तैयार करने की जरूरत है जहां अगले तीन वर्षों में विधानसभा चुनाव होंगे।