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मस्तिष्क का स्वास्थ्य  बिगाड़ रही ज्यादा कैलोरी वाली डाइट

मस्तिष्क का स्वास्थ्य बिगाड़ रही ज्यादा कैलोरी वाली डाइट

ऑस्ट्रलेयिन नेशनल यूनिवर्सिटी ;एएनयूद्ध के प्रोफेसर व अध्ययन के करने के बाद आधुनिक दौरे में अधिक कैलोरी वाली डाइट मस्तिष्क का स्वास्थ्य बिगाड़ रही है अस्वस्थ खाना खाने से मधुमेह की बीमारी हो सकती है। क्योकि कैलोरी वाली डाइट मस्तिष्क को खराब करती है।

एएनयू सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एजिंगए हेल्थ एंड वेलबीइंग में प्रोफेसर निकोलस ने एक बयान में कहा लोग वास्तव में खराब फास्ट-फूड का खा रहे हैं और व्यायाम नहीं कर रहे हैं।”उन्होंने कहा, ”हमनें पुख्ता सबूत पाए हैं कि लोगों की अस्वस्थकर भोजन आदतें और निरंतर समय में व्यायाम की कमी ने उनमें टाइप 2 डायबिटीज और मस्तिष्क गतिविधियों में भारी कमी जैसे मनोभ्रंश और मस्तिष्क संकोचन (ब्रेन श्रिंकेज) बीमारियों के विकसित होने का गंभीर जोखिम बढ़ा दिया है।” मुख्य लेखक निकोलस चेरबुएन का कहना है कि 50 साल पहले के मुकाबले वर्तमान में लोग प्रत्येक दिन औसतन लगभग 650 अतिरिक्त किलोकैलोरीज का उपभोग कर रहे हैं, जो कि बर्गर, फ्राइज़ और सॉफ्ट ड्रिंक जैसे फास्ट-फूड भोजन के बराबर है।

 

विशेषज्ञों के मुताबिक, लोग विशेषकर फास्ट फूड जैसे खराब प्रकार के खाने को खूब खा रहे हैं जो कि चिंता की बड़ी बात है। विशेषज्ञों ने चेताया कि डिमेंशिया के जोखिम सहित मस्तिष्क की समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए लोग बहुत देर से सलाह लेना शुरू करते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि लोग 60 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह लेना शुरू करते हैं।

निकलोस ने कहा कि किसी व्यक्ति का आधा जीवन समाप्त होने के बाद मस्तिष्क को होने वाली क्षति अधिक अपरिवर्तनीय है, इसलिए हम सभी को बचपन के दिनों से स्वस्थ खाने का आग्रह करते हैं ताकि वह आगे जाकर किसी प्रकार की मस्तिष्क समस्या का शिकार न हो।

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