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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, मुख्यमंत्री धामी पिछली सरकार की घोषणाओं को अपनी उपलब्धियों के तौर पर गिना रहे

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, मुख्यमंत्री धामी पिछली सरकार की घोषणाओं को अपनी उपलब्धियों के तौर पर गिना रहे

पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी पिछली सरकार की घोषणाओं को अपनी उपलब्धियों के तौर पर गिना रहे हैं । साथ ही उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार की कई योजनाओं को अकाल मौत दी है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से की जा रही नई घोषणाओं पर पूर्व मुख्यमंत्री ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी पिछली सरकार की घोषणाओं को अपना बता रहे हैं। पिछली कांग्रेस सरकार ने 2014 से 2016 में चुनाव आचार संहिता लगने तक महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकण, महिला पुष्टाहार और महिला सम्मान को लगातार प्राथमिकता दी। महिला स्वावलंबन का आधार आंगनबाड़ी, आशा बहनों और भोजन माताओं के मानदेय की राशि बढ़ाई। उनके लिए न्यूनतम 5000 रुपये मानक निर्धारित किया।

उन्होंने कहा कि भोजन माताओं को वर्दी अलाउंस देने का निर्णय भी किया गया था। आंगनबाड़ी की बहनों को टेक होम राशन योजना से जोड़कर अतिरिक्त आय का रास्ता ढूंढा गया। उनके लिए छुट्टियां मान्य करने के साथ आंगनबाड़ी कोष की स्थापना भी की गई। इससे सेवाकाल समाप्त होने के बाद भी उन्हें निश्चित राशि बतौर सहायता मिल सकेगी।उन्होंने कहा कि राज्य में आर्थिक गतिविधियों के अभाव में महिला स्वयं सहायता समूहों पर कर्ज बढ़ रहा था। पिछली सरकार ने कर्ज की समाप्ति के लिए निश्चित राशि अनुदान के तौर पर दी। टेक होम राशन व इंदिरा अम्मा कैंटीन की गतिविधियों के साथ जोड़कर आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया। नए महिला स्वयं सहायता समूह गठित करने की प्रेरणा दी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों से चीड़ की पत्तियों के एकत्रीकरण के लिए महिलाओं को मनरेगा कर्मी का दर्जा दिया गया। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे को मूर्त रूप देने को गौरा देवी कन्या धन समेत तमाम योजनाओं के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को श्रेय दिया।

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