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एक बार फिर से त्रिवेंद्र के फैसले के मुरीद हुये हरदा

एक बार फिर से त्रिवेंद्र के फैसले के मुरीद हुये हरदा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिहं रावत के गंगा से जुडे एक फैसले के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर से मुरीद हो गये है .यूं तो हरदा गाहे बगाहे त्रिवेंद्र के कई फैसलों की तारीफ कर चुके है लेकिन इस बार  मामला करोड़ों लोगों की आस्था की प्रतीक गंगा नदी से जुड़ा  है। त्रिवेन्द्र सरकार ने पूर्ववर्ती  सरकार के हरिद्वार में गंगा को एस्केप चैनल घोषित करने के फैसले को पलट दिया है।इस फैसले का हरदा ने दिल से स्वागत किया है .

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट के जरिए इसे सीएम त्रिवेन्द्र का सही फैसला मानते हुए अखाड़ा परिषद और गंगा सभा को बधाई दी है।

बता दें कि यह अध्यादेश उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत की सरकार में हुआ था। हरिद्वार के तीर्थ पुरोहित पिछले लंबे समय से अध्यादेश को निरस्त करने की मांग कर रहे थे। तीर्थ पुरोहित गंगा के सम्मान के लिए पिछले 61 दिन से आंदोलन कर हरकी पैड़ी पर धरना दे रहे थे।  अखाड़ा परिषद के संतों और गंगा सभा के पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद सरकार ने एस्केप चैनल के अध्यादेश को निरस्त करने के निर्देश दिए। प्रदेश में तत्कालीन हरीश रावत की सरकार ने 2016 में भागीरथी बिंदु, सर्वानंद घाट भूपतवाला से हरकी पैड़ी, मायापुर और दक्ष मंदिर कनखल तक बहने वाली गंगा को एस्केप चैनल घोषित कर दिया था। इसका मतलब था कि यह धारा एक नहर है जो गंगा में अतिरिक्त पानी की निकासी के काम आती है।

इसी साल जुलाई में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरकी पैड़ी पहुंचकर अध्यादेश को लेकर श्री गंगा सभा और संत समाज से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। हरीश रावत ने तत्कालीन परिस्थितियों का हवाला देते हुए अध्यादेश जारी करने की बात ही की थी।

इससे पहले भी हरदा कई बार सीएम त्रिवेन्द्र की तरीफ कर चुके हैं। हरीश रावत ने पिछली कैबिनेट में उपनल के माध्यम से भर्तियों और पर्यटकों को आकर्षित करने के संबंध में लिए गए फैसलों को त्रिवेंद्र सरकार का अच्छा कदम बताया थाउन्होंने जौनसार भाबर में वर्ग तीन और चार की जमीनों के नियमितीकरण के फैसले को भी सराहा।

सबसे पहले हरदा ने कहा था कि सीएम त्रिवेन्द्र ने ऐसे मंत्रियों  पर लगाम कसी है जो मेरे कार्यकाल में मनमानी किया करते थे। उन्होंने उपनल के जरिए गैर सैनिक पृष्ठभूमि के बेरोजगारों को भी नौकरी देने व उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों को तमाम रियायतें देने के सीएम त्रिवेन्द्र के फैसलों को  सार्वजनिक मंच से सराहा था।

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