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देश का आम बजट-2022 1 फरवरी को  आएगा सभी के सामने

देश का आम बजट-2022 1 फरवरी को आएगा सभी के सामने

देश का आम बजट-2022 1 फरवरी को सभी के सामने आ जाएगा। इस बजट में जिन सेक्‍टर्स के आवंटन पर देश की तरक्‍की और सुरक्षा अहम होगी उसमें से एक रक्षा क्षेत्र भी है। वर्ष 2021-22 में रक्षा बजट के लिए 478195.62 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जो कि वर्ष 2020-21 के मुकाबले करीब छह फीसद अधिक था।  रक्षा जानकार इस बजट को देश की सुरक्षा और सेना के आधुनिकीकरण के लिए नाकाफी मानते हैं।मेजर जनरल (रिटायर्ड)। पीके सहगल का कहना है कि चीन और पाकिस्‍तान का मुकाबला करने के लिए सेना के आधुनिकीकरण को एक बड़े बजट की दरकार है। फिलहाल में देश का रक्षा बजट जीडीपी के मुकाबले दो फीसद भी नहीं है। देश की सुरक्षा और सेना की मजबूती के लिए इसको इससे करीब दस गुना अधिक करने की जरूरत है।

मेजर जनरल सहगल का कहना है कि यूपीए सरकार के दौरान किसी तरह की डिफेंस डील नहीं हुई थी। मोदी सरकार के दौरान कई डिफेंस डील हुईंं और हमने हेलीकाप्‍टर, लड़ाकू विमान आदि खरीदे। लेकिन इनकी संख्‍या अब भी उतनी नहीं है जितनी हमें चाहिए। वायु और नौसेना में लड़ाकू विमान और जहाज दो से तीन दशक पुराने हैं जिनको तत्‍काल बदलने की जरूरत है। चीन से यदि भारत के रक्षा बजट की तुलना करें तो ये करीब 4-5 फीसद अधिक है। ऐसे में उन्‍हें उम्‍मीद है कि मौजूदा बजट में इसको ध्‍यान में रखते हुए ही बजट का आवंटन किया जाएगा।वर्ष 2021-22 के लिए आवंटित रक्षा बजट को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व के 15 वर्षों में सबसे अधिक बताया था। उन्‍होंने इस बजट के लिए पीएम नरेन्‍द्र मोदी और वित्‍त मंत्री का धन्‍यवाद भी अदा किया था। वर्ष 2020-21 में रक्षा बजट के लिए 4,71,378 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। इसमें रक्षा पेंशन भी समाहित थी। वर्ष 2020-21 में सशस्त्र बलों के लिए आधुनिकीकरण के लिए जहां 1,13,734 रुपये आवंटित किए गए थे वहीं वर्ष 2021-22 में इसको बढ़ाकर 1,35,060 करोड़ रुपये किया गया था। गौरतलब है कि वर्ष 2020-21 में सेना के आधुनिकीकरण और नए और अत्‍याधुनिक हथियारों की खरीद के लिए सेना को 1,10,734 करोड़ का आवंटन किया गया था। पिछले साल रक्षा पेंशन के बजट को भी बढ़ाया गया था।

 

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