ताजा खबरें >- :
कांग्रेस की कार्यशाला के अंतिम दिन गुरुवार को वक्ताओं ने पार्टी संगठन को मजबूत रखने के लिए सुझाव दिए।

कांग्रेस की कार्यशाला के अंतिम दिन गुरुवार को वक्ताओं ने पार्टी संगठन को मजबूत रखने के लिए सुझाव दिए।

कांग्रेस उत्तराखंड में भाजपा को पटखनी देने को युवाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों समेत विभिन्न वर्गों में अपना जनाधार मजबूत करेगी। उदयपुर नव संकल्प क्रियान्वयन को लेकर दो दिनी कार्यशाला में पार्टी ने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने का निर्णय लिया। प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी संगठन में 50 प्रतिशत पद युवा, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए रखे जाएंगे। बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर के पदों पर नियुक्तियां 90 से 180 दिन में होंगी।

कांग्रेस की कार्यशाला के अंतिम दिन गुरुवार को वक्ताओं ने पार्टी संगठन को मजबूत रखने के लिए सुझाव दिए। प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि उदयपुर चिंतन शिविर के संकल्प के अनुसार उत्तराखंड में कांग्रेस संगठन को खड़ा किया जाएगा। एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत लागू होगा। एक व्यक्ति किसी भी पद पर केवल पांच साल तक ही रह पाएगा। जिला, ब्लाक व मंडल इकाइयों की नियमित बैठकें होंगी। ये तीनों इकाइयां कैडर पर आधारित होंगी। चुनाव प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नौ अगस्त से शुरू होने वाली पदयात्रा 75 किमी लंबी होगी। इसके माध्यम से स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास, उसकी भावना और बलिदान के बारे में आम जन को बताया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए नेता नहीं, कार्यकत्र्ता बनकर काम करना होगा। विधायक भी कार्यकत्र्ता के रूप में कार्य करें। पार्टी में गुटबाजी और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उत्तराखंड में 2024 की चुनौती का सामना करने के लिए नए सिरे से संगठन को खड़ा करने की तैयारी कर रही कांग्रेस को गुटबाजी से पार पाना होगा। नव संकल्प क्रियान्वयन कार्यशाला में वक्ताओं ने विधानसभा चुनाव में मिली हार के लिए दिग्गजों को निशाने पर लेकर पार्टी के रणनीतिकारों पर भी सवाल उठा दिए हैं। इन सवालों का जवाब ढूंढे बगैर पार्टी के लिए आगे की राह आसान नहीं रहने वाली है।

प्रदेश में अब तक विधानसभा और लोकसभा के दो-दो चुनावों में कांग्रेस की बुरी गत हो चुकी है। अब उदयपुर चिंतन शिविर में लिए गए संकल्प के आधार पर प्रदेश में भी कांग्रेस संगठन में नए सिरे से जान फूंकने की कोशिश की जा रही है। गुटीय खींचतान और चहेतों को पद थमाने के फेर में लंबे समय से घिरी कांग्रेस अब प्रदेश में युवाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति के साथ ही गरीब एवं वंचित वर्गों के बीच जनाधार दोबारा से मजबूत करना चाहती है। युवाओं को अधिक अवसर देने को संगठन में 50 साल से कम आयु वालों को 50 प्रतिशत पद थमाने की तैयारी की जा रही है। सांगठनिक स्तर पर भी निचले स्तर से परिवर्तन का इरादा जताया गया है।

प्रदेश में कांग्रेस के दो दिनी नव संकल्प क्रियान्वयन शिविर में जिलों से लेकर प्रदेश के पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों से लेकर दिग्गज नेताओं में जनाधार को वापस पाने की चिंता से जूझते दिखाई दिए। लगातार दूसरे विधानसभा चुनाव में हार का गम पार्टी पर इस कदर हावी है कि मना करने के बाद भी वक्ताओं ने अपना गुबार निकाला। गुटबाजी हावी रहने की बात हर स्तर से सामने आई है।

अब पार्टी नेताओं को यह चिंता भी सता रही है कि भाजपा से मुकाबले के लिए जनाधार बढ़ाने के उपाय तेजी से नहीं किए गए तो आने वाले समय में अन्य दल विकल्प के रूप में उभर सकते हैं। उदयपुर चिंतन शिविर के संकल्प पर उत्तराखंड में आगे बढऩे की तैयारी के पीछे पार्टी का एक उद्देश्य यह भी है। कार्यशाला में वक्ताओं ने हार के कारणों पर टिप्पणी के बहाने पार्टी की कमजोरी को सामने रखा। इसके जवाब में प्रदेश में नए नेतृत्व को हर स्तर पर बढ़ाने के संकेत प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव एवं बड़े नेताओं ने दिए।दो दिनी कार्यशाला में यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की गई कि गुटबाजी को हतोत्साहित करने को एक व्यक्ति को एक ही पद मिलेगा। परिवारवाद को पार्टी ज्यादा प्रोत्साहन नहीं देगी। साथ ही विभिन्न वर्गों को अब ज्यादा प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। पार्टी के सामने सामने अब उदयपुर संकल्प पर अमल करने की चुनौती है।

 

Related Posts