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मुख्यमंत्रीधामी और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने रेसकोर्स स्थित सनातन धर्म इंटर कालेज से टीकाकरण अभियान की शुरुआत की

मुख्यमंत्रीधामी और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने रेसकोर्स स्थित सनातन धर्म इंटर कालेज से टीकाकरण अभियान की शुरुआत की

 उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। इस चुनौती से पार पाने के लिए आज से 15-18 साल के किशोरों का टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। राज्य में इस आयुवर्ग के करीब 6.28 लाख किशोरों का टीकाकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने रेसकोर्स स्थित सनातन धर्म इंटर कालेज से अभियान की शुरुआत की।सीएम धामी ने इस दौरान बन्नू स्कूल के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। 15-18 वर्ष के किशोरों को बधाई कि उन्हें सुरक्षा कवच मिलने जा रहा है। देश में कोरोना की पहली लहर थी तो रास्ता नहीं दिख रहा था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने अनुसंधान किया और स्वदेशी वैक्सीन हमें मिली।टीकाकरण के लिए किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहे। कोरोना शुरू हुआ तो सुविधाएं बेहद कम थी,पर आज देश हर लिहाज से आत्मनिर्भर बना है।

स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि स्कूल बंद होने पर आज शासन फैसला लेगा। सभी डीएम और सीएमओ से रिपोर्ट मांगी गई है। बन्नू स्कूल में किशोरों के कोरोना टीकाकरण का शुभारंभ के मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। स्कूलों में भी छात्र संक्रमित पाए जा रहे हैं। कोरोना का टीका उनके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। स्कूल कालेजों को बंद करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि डीएम और सभी सीएमओ से रिपोर्ट मांगी गई है। शाम को शासन पर बैठक बुलाई गई है।स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा राज्य में 18 और उससे अधिक आयुवर्ग में 85 प्रतिशत को दूसरी खुराक लग चुकी है। जल्द ही शत-प्रतिशत टीकाकरण पूरा होगा। कहा कि आज 15-18 आयुवर्ग का टीकाकरण शुरू हुआ है। प्रदेश में 6.28 लाख का टीकाकरण होना है। इसके अलावा करीब पचास हजार बच्चे बाहर से आकर यहां पढ रहे हैं। यह टीकाकरण एक सप्ताह में पूरा करेंगे। आगामी दस जनवरी से 60 से अधिक आयु वर्ग और फ्रंटलाइन वर्कर को बूस्टर डोज।

रुड़की शहर के सात स्कूलों में भी टीकाकरण शुरू हो गया है। स्कूलों में शीतकालीन अवकाश के बाद भी अनेक छात्र-छात्राएं टीकाकरण के लिए विद्यालय में पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के 15 टीमें स्कूलों में टीकाकरण कर रही हैं। बीएसएम इंटर कालेज, केएलडीएवी इंटर कालेज, जीजीआइसी रुड़की, जीजीआइसी गुलाब शाह पीर आदि विद्यालयों में टीकाकरण हो रहा है। सात विद्यालयों में 2222 छात्र-छात्राओं का टीकाकरण होना है।ऋषिकेश के श्री भरत मंदिर इंटर कालेज में इसके लिए तीन बूथ बनाए गए हैं। राजकीय चिकित्सालय की टीम ने टीकाकरण केंद्र को किशोर और किशोरियों के स्वागत के लिए गुब्बारों से सजाया है। यहां टीकाकरण को लेकर छात्र-छात्राओं में उत्साह देखा गया। इनके लिए सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है।

कोरोना संक्रमण और ओमिक्रोन की रोकथाम और नियंत्रण के लिए बागेश्वर में भी15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों का मेगा वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू हो गया है। सोमवार को राजकीय इंटर कालेज बागेश्वर में विधायक चंदन राम दास और डीएम विनीत कुमार ने रीबन काटकर शुभारंभ किया।राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डा. कुलदीप सिंह मर्तोलिया ने बताया कि तीसरी लहर की आशंका के बीच 15-18 आयुवर्ग का टीकाकरण एक सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर किशोरों का टीकाकरण स्कूलों में किया जाएगा। पहले दिन प्रदेशभर के 300 स्कूलों में टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 200 नियमित केंद्रों पर भी टीकाकरण किया जाएगा। लक्ष्य के मुताबिक हर दिन 80 हजार किशोरों का टीकाकरण किया जाना है।

देहरादून जनपद में डेढ़ लाख किशोरों को टीका लगना है। जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दिनेश चौहान ने बताया कि पहले दिन 145 टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 80 केंद्र सिर्फ 15-18 आयुवर्ग के लिए बनाए गए हैं। जबकि 65 नियमित केंद्र हैं। स्वास्थ और शिक्षा विभाग समन्वय स्थापित कर टीकाकरण अभियान संचालित करेगा। कोविन पोर्टल पर आनलाइन पंजीकरण के साथ ही आनस्पाट भी पंजीकरण करा टीका लगवाया जा सकता है।इसके लिए आधार कार्ड, स्कूल का आइकार्ड और मोबाइल नंबर लाना अनिवार्य होगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. मुकुल कुमार सती ने बताया कि ब्लाकवार सरकारी, अशासकीय और पब्लिक स्कूलों में टीकाकरण का रोस्टर तैयार किया गया है। जिसमें अलग-अलग दिन अलग-अलग स्कूलों में टीकाकरण किया जाना है। सभी स्कूलों में बच्चों को बुलाने, अभिभावकों और मेडिकल टीम से संपर्क की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों को दी गई है।

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