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चारधाम देवस्थानम अधिनियम;सुब्रमण्यम स्वामी फरवरी माह के दूसरे पखवाड़े में दायर कर सकते हैं पीआईएल

चारधाम देवस्थानम अधिनियम;सुब्रमण्यम स्वामी फरवरी माह के दूसरे पखवाड़े में दायर कर सकते हैं पीआईएल

देवस्थानम अधिनियम के मामले में प्रदेश सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तीर्थ पुरोहित महापंचायत के आग्रह पर अधिवक्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने अधिनियम के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर करना स्वीकार कर लिया है। सोमवार को दिल्ली में तीर्थ पुरोहितों के साथ बातचीत के बाद स्वामी ने बाकायदा ट्वीट कर याचिका दायर करने के फैसले की जानकारी भी दी।देवस्थानम अधिनियम के तहत सरकार ने चारधाम और धामों से जुड़े 51 मंदिरों की प्रबंध व्यवस्था में बदलाव किया है। चारों धामों से जुड़े तीर्थ पुरोहित इसका विरोध कर रहे हैं। देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत के प्रवक्ता बृजेश सती के मुताबिक तीर्थ पुरोहितों के दल ने सुब्रमण्यम स्वामी के दिल्ली स्थित आवास पर उनसे मुलाकात की।

स्वामी के साथ तीर्थ पुरोहितोें के अधिकार और अधिनियम के संबंध में विस्तार से बातचीत हुई। इस बातचीत के बाद स्वामी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर करना स्वीकार किया। इसके कुछ समय बाद ही स्वामी ने ट्वीट किया कि वे इस संबंध में उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेंगे।महापंचायत के प्रतिनिधियों के मुताबिक स्वामी ने फरवरी माह के दूसरे पखवाड़े में याचिका दाखिल करने का इरादा जाहिर किया है। स्वामी के साथ जुड़े अधिवक्ताओं की टीम होमवर्क करीब-करीब पूरा कर चुकी है।

महापंचायत की ओर से जारी एक वीडियो में सुब्रमण्यम स्वामी ने तमिलनाडु के नटराज मंदिर से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। इस मंदिर की प्रबंध व्यवस्था तत्कालीन राज्य सरकार ने अपने हाथ में ली थी। स्वामी ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में मंदिर की प्रबंध व्यवस्था को पुजारियों के हाथ में ही रहने देने का आदेश दिया था। स्वामी ने इसी आदेश को आधार बनाते हुए कहा कि राज्य सरकार को अधिनियम लागू करने से पहले विस्तृत अध्ययन कर लेना चाहिए था।
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