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‘डबल इंजन’ की नाव पर सवार हो मिशन-2022 जीतने के लिए चुनावी रण में ताकत झोंक चुकी भाजपा

‘डबल इंजन’ की नाव पर सवार हो मिशन-2022 जीतने के लिए चुनावी रण में ताकत झोंक चुकी भाजपा

डबल इंजन’ की नाव पर सवार हो मिशन-2022 जीतने के लिए चुनावी रण में ताकत झोंक चुकी भाजपा के द़ृष्टि पत्र (घोषणा पत्र) में राज्य के विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन झलका है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर राज्य में किसानों को सहायता राशि देने को ‘सीएम किसान प्रोत्साहन निधि’ का गठन और चारधाम की भांति गढ़वाल-कुमाऊं के प्राचीन मंदिरों को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए उद्देश्य से ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ इसकी बानगी हैं। प्रदेश में ढांचागत विकास के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाने को पार्टी ने प्राथमिकता में रखा है। इसी तरह पर्यटन, तीर्थाटन के लिए यात्री सुविधाओं का विकास और बेहतर कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया गया है। भाजपा ने उत्तराखंड के लिए जिन विकास योजनाओं का खाका सामने रखा है, वे ऐसी हैं जो भविष्य में जल्द पूरी हो सकती हैं।

भाजपा के दृष्टि पत्र को देखें तो स्वाभाविक तौर पर यह पूरी तरह प्रधानमंत्री मोदी के विजन और ‘डबल इंजन’ की छाया लिए हुए है। पार्टी ने यह दर्शाने का प्रयास किया है कि राज्य के विकास के लिए डबल इंजन क्यों जरूरी है। इसके लिए केंद्र सरकार के सात साल और राज्य सरकार के पांच साल के कार्यकाल में प्रदेश को मिली उपलब्धियों का ब्योरा दृष्टि पत्र में दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री के सपने के अनुरूप उत्तराखंड को समृद्ध राज्य बनाने के उद्देश्य से भविष्य की योजनाओं को रखा गया है। इनमें भी ज्यादातर में केंद्र सरकार की मदद से आगे बढ़ने का इरादा जताया गया है। भाजपा ने हर वर्ग और क्षेत्र को आकर्षित करने के हिसाब से अपनी योजनाएं रखी हैं। इसमें उसका होमवर्क भी झलका है।

किसानों की आय दोगुना करने के लिए केंद्र सरकार पिछले सात वर्षों से निरंतर कदम उठा रही है। उत्तराखंड के किसानों को भी इसका लाभ मिला है तो बीते पांच वर्षों में राज्य सरकार ने भी कई योजनाएं संचालित कीं। फिर चाहे वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित होने वाले 9.30 लाख लघु एवं सीमांत किसान हों या फिर कृषि व उससे जुड़े रेखीय विभागों के माध्यम से संचालित योजनाएं। अब भाजपा ने सत्ता में वापसी पर इन योजनाओं को आगे बढ़ाने पर फोकस किया है। इसके लिए पीएम किसान सम्मान निधि की तर्ज पर राज्य में सीएम किसान प्रोत्साहन निधि गठित करने का इरादा जाहिर किया गया है। इससे यहां के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि से प्रतिवर्ष मिलने वाली छह हजार रुपये की राशि के अलावा दो हजार रुपये अतिरिक्त देने का वादा किया गया है।

कृषि क्षेत्र को पिछले पांच सालों में सहकारिता ने भी काफी संबल दिया है। फिर चाहे वह राज्य में उत्पादित होने वाले मंडुवा, झंगोरा जैसे अनाज की खरीद की बात हो या फिर सेब खरीद की। इससे किसानों को फायदा मिला है। यही वजह भी है कि भाजपा ने कृषि क्षेत्र में सहकारिता को बढ़ावा देने को अपनी प्राथमिकता बताया है। फूलों की खेती, बागवानी, जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 50 कृषि गोदाम व कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं के विकास को एक हजार करोड़ का कोष बनाने का वादा भी भाजपा ने किया है। इससे किसानों को आफ सीजन में कृषि उत्पादों के बेहतर दाम मिल सकेंगे।जून 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ को संवारने के लिए प्रयास हुए तो आज केदारपुरी एकदम नए कलेवर में निखर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बदरीनाथ धाम को संवारने की कवायद शुरू हो चुकी है तो गंगोत्री व यमुनोत्री के लिए भी प्रयास हो रहे हैं। अब भाजपा ने इसी तर्ज पर चारधाम सर्किट के सभी मंदिरों और गुरुद्वारों में भौतिक बुनियादी ढांचे के विस्तार का खाका रखा है। गढ़वाल मंडल के चारधाम जैसे मंदिरों की भांति कुमाऊं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन शुरू करने की बात दृष्टि पत्र में कही गई है। कुंभ नगरी हरिद्वार अंतरराष्ट्रीय योग राजधानी और आध्यात्मिक पर्यटन के बड़े स्थलों के रूप में विकसित करने को मिशन मायापुरी लाने पर भाजपा ने जोर दिया है। इसके पीछे पार्टी की मंशा यही है कि पर्यटन व तीर्थाटन को यहां की आर्थिकी की मुख्य धुरी बनाया जाए।

केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर खास ध्यान केंद्रित किए हुए है। इसके लिए ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों के पंजीकरण और छह हजार रुपये तक की पेंशन व पांच लाख तक का बीमा कवर प्रदान करने की योजना शुरू की गई है। भाजपा ने सत्ता में आने पर इस योजना को अंगीकृत करने के साथ ही इसे तेजी से आगे बढ़ाने का इरादा जताया है। पीएम आवास शहरी व ग्रामीण के अंतर्गत किफायती आवास परियोजनाओं को पूरा करने को भी भाजपा ने अपनी प्राथमिकता में रखा है।भाजपा ने विधानसभा क्षेत्रों में जनसामान्य से लिए गए सुझावों को भी दृष्टि पत्र में जगह दी है। भाजपा ने कुछ समय पहले सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनसुझाव रथ भेजे थे, जिनके माध्यम से 77 हजार से अधिक सुझाव मिले। इनका विश्लेषण कर इन्हें दृष्टि पत्र का हिस्सा बनाया गया है। मूलभूत सुविधाओं के विकास को कदम उठाने संबंधी दृष्टिपत्र में किए गए वादे इसकी पुष्टि करते हैं।

 

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