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आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्रों (पोलिंग बूथ) की सुरक्षा को लेकर मशीनरी ने कमर कस ली

आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्रों (पोलिंग बूथ) की सुरक्षा को लेकर मशीनरी ने कमर कस ली

आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्रों (पोलिंग बूथ) की सुरक्षा को लेकर मशीनरी ने कमर कस ली है। इसके तहत प्रदेश के 1842 संवेदनशील/अति संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कंधों पर होगा। इन बूथों पर चुनाव आयोग के आदेश पर पुलिस विभाग की ओर से सीएपीएफ की 60 से अधिक कंपनी तैनात की जाएंगी।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथ चिह्नित किए जा रहे हैं। अब तक प्रदेश में 1034 बूथ संवेदनशील और 808 बूथ अति संवेदनशील श्रेणी के चिह्नित किए गए हैं। सबसे अधिक 400 संवेदनशील/अति संवेदनशील बूथ ऊधमसिंह नगर जिले में हैं। इसके बाद हरिद्वार में 300 से अधिक और देहरादून में 200 से अधिक संवेदनशील व अति संवेदनशील बूथ हैं। नैनीताल और पिथौरागढ़ में इस श्रेणी के बूथ 100 से अधिक हैं। उन्होंने बताया कि संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथ चिह्नीकरण की प्रक्रिया अभी चल रही है।

डीजीपी ने बताया कि चुनाव के दौरान नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी बढ़ने की संभावना रहती है, इसके चलते राज्य की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। सीमाओं पर भी सीएपीएफ तैनात की गई है। नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। इसमें उत्तर प्रदेश और हिमाचल से पूरा सहयोग लिया जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस भी दोनों राज्यों को सहयोग कर रही है।

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