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 विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि जांच समिति के अध्यक्ष डीके कोटिया , एसएस रावत एवं अवनेंद्र सिंह नयाल ने उन्हें रिपोर्ट सौंप दी

 विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि जांच समिति के अध्यक्ष डीके कोटिया , एसएस रावत एवं अवनेंद्र सिंह नयाल ने उन्हें रिपोर्ट सौंप दी

विधानसभा भर्ती प्रकरण के संबंध में जांच रिपोर्ट समिति द्वारा गुरुवार को देर रात्रि विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण को सौंप दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि जांच समिति के अध्यक्ष डीके कोटिया , एसएस रावत एवं अवनेंद्र सिंह नयाल ने उन्हें रिपोर्ट सौंप दी है। वह इस संबंध में आज विधानसभा भवन में प्रेस को संबोधित करेंगी।

उत्तराखंड विधानसभा में भर्तियों की जांच पूरी कर विशेषज्ञ समिति ने रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट की सिफारिशों का खुलासा विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण ही करेंगी। समिति की जांच में राज्य गठन के बाद से 2022 तक कांग्रेस व भाजपा सरकारों के कार्यकाल में विधानसभा की गई भर्तियां शामिल हैं।

गुरुवार को कोटद्वार क्षेत्र के दौरे से लौटीं विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण को विशेषज्ञ समिति ने भर्तियों की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। स्पीकर को रिपोर्ट सौंपते समय समिति के तीनों सदस्य मौजूद थे। पूर्व आईएएस डीके कोटिया की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति ने 20 दिन में भर्तियों की जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार की है। समिति में सुरेंद्र सिंह रावत और अवनेंद्र सिंह नयाल भी शामिल हैं।

विशेषज्ञ समिति की जांच रिपोर्ट के बाद हलचल बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक जांच समिति ने विधानसभा में भर्तियों, अधिकारियों व कर्मचारियों की पदोन्नतियों में नियमों का पालन न करने की सिफारिश की है। अब सबकी निगाहें विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण की ओर से जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई को लेकर टिकी हैं।

भर्तियों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की घोषणा करते समय स्पीकर ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया था कि जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करो। दूध का दूध और पानी का पानी होगा। विधानसभा की गरिमा को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटूंगी। समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष कार्रवाई के लिए क्या फैसला लेती हैं। इसका खुलासा एक-दो दिन में हो सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडियाकर्मियों से कहा कि विधानसभा में नियुक्तियों से संबंधित मामला उनके सामने आया, उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर जांच करने का अनुरोध किया। बकौल धामी, मैंने स्पीकर से कहा था कि जांच में यदि नियुक्तियां गलत हैं तो उन्हें निरस्त किया जाना चाहिए।

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