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जिस घर से उठने वाली थी बहन की डोली , लेकिन उस घर से उठी दो भाइयों की अर्थी

जिस घर से उठने वाली थी बहन की डोली , लेकिन उस घर से उठी दो भाइयों की अर्थी

उत्तराखंड मीडिया:   जहां एक तरफ  खुशियों की शोगाद में शादी का मंडप सजाया जा रहा था वहीँ हो गया कुछ ऐसा की सब हैरान हो गए  जी हाँ यह खबर सबको बेहद हैरान कर देने वाली है  एक ऐसी बहन जिसके पिता और भाई इस दुनिया से चले गए, वह मौसेरे और ममेरे भाई के सहारे आगे बढ़ी। उसी के साथ ऐसा होगा कभी किसी ने सोचा नहीं था। इन दोनों भाइयों ने उसे डोली में बैठाकर विदा करना था, मगर कुछ घंटे पहले दोनों ने दुनिया छोड़ दी।

 

बरातघर में खुशी थी। शादी के मंत्रोचार हो रहे थे। मंगल गीत गाए जा रहे थे लेकिन ऐसा हुआ जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता। ममेरे भाई आदर्श उर्फ अंशुल और मौसेरे भाई आशीष को कार ने कुचल दिया। रिया को किसी ने कुछ नहीं बताया।

आनन-फानन में उसे रात दो बजकर 40 मिनट पर ससुराल (दिल्ली) के लिए रवाना कर दिया गया। घटना के बाद रिया के परिवार के लोग अस्पताल में थे लेकिन किसी ने रिया को इस बारे में नहीं बताया। विदाई के बाद मायके वालों ने जागकर रोते हुए रात गुजारी।

रिया का बालावाला देहरादून निवासी ममेरा भाई आदर्श उर्फ अंशुल अपने पिता जगदीश प्रसाद का इकलौता बेटा था। जगदीश प्राइवेट जॉब करते हैं। उनकी एक बेटी हैं।मौसेरा भाई आशीष के पिता प्रमोद कुमार नैनीताल में दुकान करते हैं। आशीष नैनीताल डीएसबी से एचएम की पढ़ाई कर रहा था। आशीष का बड़ा भाई शुभम देहरादून से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है।

आशीष का शव बुधवार शाम डफनलॉज स्थित आवास में लाया गया। पड़ोसी और रिश्तेदारों का वहां जमावड़ा लगा रहा। शाम करीब सात बजे गमगीन माहौल में पाइंस स्थित घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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