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चीन का एक और नया प्रोपगंडा, चीनी सेना गलवान के पत्थर अपने नगरिकों दे रही है, बतौर गिफ्ट

चीन का एक और नया प्रोपगंडा, चीनी सेना गलवान के पत्थर अपने नगरिकों दे रही है, बतौर गिफ्ट

नए साल में भी चीन भारत के साथ संबंध सुधारने की दिशा में कुछ अच्छे संकेत नहीं दे रहा है। हाल ही में गलवान घाटी में चीनी झंडा फहराने के दुष्प्रचार के बाद चीनी सेना ने अब अपने नागरिकों को गलवान घाटी के पत्थर गिफ्ट करने की योजना बनाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की वेस्टर्न थिएटर कमांड (WTC) ने घोषणा की है, कि आगामी एक फरवरी से चीनी नगरिकों को गलवान घाटी के पत्थर उपहार स्वरुप दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है, कि चीनी सेना की इसी कमांड के पास भारत से सटे बॉर्डर की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करने पर मिलेगा पत्थर

सरकारी चीनी न्यूज एजेंसी ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वेस्टर्न थिएटर कमांड (WTC) ने बीते शुक्रवार स्थानीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर अपना आधिकारिक अकाउंट खोलकर इस अकाउंट पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में एक तस्वीर के जरिये नगरिकों को बताया गया है, कि एक फरवरी तक इस पोस्ट को साँझा करने वाले दस लकी विनर को बतौर गिफ्ट गलवान घाटी का पत्थर दिया जाएगा। इस तस्वीर में चीनी सैनिक किसी पर्वतीय क्षेत्र में एक नदी के किनारे पेट्रोलिंग करते हुए नजर आ रहे है।

चीन प्रोपेगंडा रचाने में माहिर

गलवान घाटी में झंडा फहराने का प्रोपगंडा वीडियो जारी करने के बाद चीनी सेना ने स्थानीय सोशल मीडिया में जारी पोस्टर पर चीनी भाषा में लिखा है, कि ‘शानदार नजारे, एक इंच भी देंगे नहीं । बताया जा रहा है, कि यह पोस्ट चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर वायरल हो रहा है, और बड़ी तादात में चीनी आवाम गलवान के पत्थर को हासिल करने के लिए इस पोस्ट को शेयर कर रहे है।

 

जानकारी के लिए बता दे, चीन प्रोपेगंडा रचाने में माहिर है। चीन ने एक जनवरी को गलवान का फर्जी वीडियो शेयर करते हुए चीनी फ़िल्मी एक्टर्स को झंडे को फहराते हुए दिखाया था। हालांकि जब भारत की ओर से असली तस्वीर शेयर कर करारा जबाबा दिया तो चीन के मुँह में दही जम गयी।

भारत के साथ रिश्ते सामान्य करने का इक्छुक नहीं है चीन

पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन की सेनाएं 2020 मई से ही एक दूसरे से मोर्चा ले रही है। भारत ने चीन को उसी भाषा में जबाब देना शुरू कर दिया है, जिस भाषा को चीन अच्छे से समझता है। भारत ने चीन को उसके द्वारा फैलाये जा रहे झूठे प्रोपगेंडा पर कड़ी प्रतिक्रया देना आश्यचर्यजनक नहीं है, क्योंकि भारत समझ गया है, कि पिछले कुछ दिनों में चीन ने कुछ ऐसे कदम उठाये है, जिनसे यह साबित होता है, कि चीन भारत के साथ रिश्ते सामान्य बनाने का इच्छुक नहीं है। गलवान के पत्थर अपने नगरिकों को गिफ्ट करना भी चीन की इसी रणनीति का हिस्सा है।

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