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पीडब्लूडी के दो इंजीनियरों पर गिरी शासन की गाज

प्रदेश में सड़क निर्माण पर देरी होने पर शासन ने दो अभियंताओं पर गाज गिराई है। यह सब जौलजीबी-टनकपुर सड़क निर्माण में हीलाहवाली को लेकर हुआ है। बताया जा रहा है कि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के आदेश पर आज यानी मंगलवार को सचिव आरके सुधांशु ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।

गौरतलब है कि टनकपुर-जौलजीबी मोंटर मार्ग जिसे टीजे मोटर मार्ग भी कहा जाता है। यह समारिक दृष्ठि से भी काफी अहम है। और इसे केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में भी बताया जाता है। लेकिन खबर यह है कि इस सड़क पर पहले फेज का काम हुआ और दूसरे पैकेज का काम 2017 से बंद पड़ा है।

इस काम को 2019 तक पूरा किया जाना था। लेकिन सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया में ही फर्जीवाड़ा हो गया, और मामला कोर्ट पहुंच गया। तब से मामला पेंडिंग पड़ा है। मामला बेहद अहम था और उसके बाद वह सीएम के दरवार तक पहुंच गया। सीएम कार्यालय से तत्काल कार्रवाई के आदेश हुए तो सचिव ने इस योजना से संबंधित दो अभियंताओं के निलंबन के आदेश दे किए हैं।

लेकिन सवाल यह है कि आखिर की 2017 से अब तक यह क्यों इस मैटर को नहीं देखा गया। यदि कोर्ट में मामला विचाराधीन था तो उसे समय रहते क्यों नहीं निपटाया गया। इसमें निश्चित रूप से विभाग की हीलाहवाली तो जग जाहिर है लेकिन इस ढिलाई पर शासन स्तर से भी समीक्षा नहीं की गई। निलंबन से लापरवाह दण्डित तो जरूर हुए हैं लेकिन सामरिक महत्व की सड़क अधर में ही है।

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